फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आषाढ़ अमावस्या आज, इन पांच उपायों को करने से दूर होगा पितृदोष और मिलेगा पितरों का आशीर्वाद

Tue, 14 Jul 2026 12:44 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Ashadh Amavasya 2026: आषाढ़ अमावस्या पर गंगा स्नान और दान करने का विशेष महत्व होता है। इस तिथि पर पितरों का तर्पण करने और श्रद्धा अर्पित करना सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। 
विज्ञापन
aashadh amavasya - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आज, 14 जुलाई को को आषाढ़ माह की अमावस्या तिथि है, जिसे हलहारिणी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। अमावस्या तिथि पर गंगा स्नान, दान-पुण्य और पितरों को तर्पण करने का विशेष महत्व होता है। इस दिन शुभ धार्मिक कार्य करने पर अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। आषाढ़ माह की अमावस्या के दिन पितरों की पूजा, अर्चना, दान-पुण्य करने की धार्मिक मान्यता है। इस दिन सबसे पहले अपने घर के पास स्थिति पवित्र नदी में स्नान करने और सूर्य देव को पूजा का खास महत्व होता है। फिर दोपहर करीब 12 बजे पितरों के लिए पूजा पाठ और पिंडदान करना शुभ होता है। आषाढ़ अमावस्या पर कुछ उपाय बहुत ही कारगर होता है। आइए जानते हैं कौन-कौन से उपाय करना लाभकारी और शुभ रहेगा। 

विज्ञापन


गंगा स्नान और पितरों का तर्पण
अमावस्या पर सुबह ब्रह्रा मुहूर्त में उठकर सबसे पहले स्नान करना का खास महत्व होता है। लेकिन किसी कारणवश गंगा स्नान ना हो सके तो घर पर नहाने के पानी में गंगाजल की कुछ बूंदें मिलाकर स्नान करें। वहीं स्नान के बाद जल में काला तिल, कुश और जौ डालकर पितरों को याद करते हुए उनको तर्पण करें। इससे पितरगण तृप्त होंगे। 

श्राद्ध और पिंडदान का करें विधान
अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित होती है ऐसे में अगर किसी कारण पितरों का वार्षिक श्राद्ध कर्म नहीं हो पाया हो तो आषाढ़ अमावस्या पिंडदान कर सकते हैं। इस तिथि पर पिंडदान करना शुभ होता है और इससे जीवन में आने वाली परेशानियों का अंत हो जाता है। 
विज्ञापन


Pitru Paksha 2026: इस साल कब शुरू होंगे श्राद्ध ? जानें डेट, तिथियां और महत्व

पीपल के वृक्ष की पूजा करें
हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ को बहुत ही शुभ और पवित्र माना जाता है। पीपल के पेड़ में देवताओं समेत पितृगणों का भी वास होता है। ऐसे में अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की पूजा, जल और घी का दीपक जलाएं। इससे पितृदोष खत्म होता है। 

पितरों के निमित्त भोजन कराएं
आषाढ़ अमावस्या पर गंगा स्नान और पितरों को तर्पण देने के बाद उनको याद करते हुए भोजन खिलाएं। गाय, कौए, कुत्ते, और जरूरमंद लोगों को भोजन करवाएं। इस परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है। 

Ashadha Amavasya: आषाढ़ अमावस्या पर क्या करें दान? जानें पितरों को प्रसन्न करने के उपाय
विज्ञापन


तिल, अन्न और आवश्यक वस्तुओं का दान करें
अमावस्या पर दान और पुण्य का विशेष महत्व होता है। इस तिथि पर दान करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है। ऐसे में इस तिथि पर काला तिल, गुड़, छाता, चप्पल आदि चीजों का दान करना अच्छा होता है। मान्यता है कि ऐसे दान से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें