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Akshay Tritiya 2025: अक्षय तृतीया की ये हैं प्रमुख मान्यताएं, दान-पुण्य से लेकर स्नान-व्रत है फलदायी

Mon, 28 Apr 2025 03:32 PM IST
दीक्षा पाठक धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Akshay Tritiya Importance: अक्षय तृतीया को नए कामों की शुरुआत करने के लिए सबसे अच्छा दिन माना जाता है। इस दिन लोग नया व्यापार शुरू करते हैं, घर खरीदते हैं, शादी करते हैं या कोई अन्य महत्वपूर्ण काम शुरू करते हैं। कहते हैं कि अक्षय तृतीया के मुहूर्त में जो भी काम किया जाए, वह सफल हो जाता है
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अक्षय तृतीया - फोटो : adobe stock
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विस्तार
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हिंदू कैलेंडर के अनुसार, अक्षय तृतीया हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस वर्ष यह विशेष दिन 30 अप्रैल को पड़ेगा। अक्षय तृतीया को एक अत्यंत शुभ और मंगलकारी तिथि माना जाता है, जिसे 'अबूझ मुहूर्त' भी कहा जाता है। इसका अर्थ है कि इस दिन किसी भी प्रकार का शुभ कार्य बिना किसी विशेष मुहूर्त के किया जा सकता है। यह दिन हिंदू धर्म में समृद्धि, सुख, और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन विशेष रूप से पूजा, व्रत और मंत्र जाप किया जाता है। भगवान विष्णु, देवी लक्ष्मी, भगवान शिव और गणेश जी की पूजा की जाती है, ताकि भक्तों को आशीर्वाद और समृद्धि प्राप्त हो सके। तो आज की इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि कौन सी ऐसी मान्यताएं हैं, जो अक्षय तृतीया से जुड़ी हुई हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।
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नए कामों की शुरुआत के लिए शुभ दिन है अक्षय तृतीया
अक्षय तृतीया को नए कामों की शुरुआत करने के लिए सबसे अच्छा दिन माना जाता है। इस दिन लोग नया व्यापार शुरू करते हैं, घर खरीदते हैं, शादी करते हैं या कोई अन्य महत्वपूर्ण काम शुरू करते हैं। कहते हैं कि अक्षय तृतीया के मुहूर्त में जो भी काम किया जाए, वह सफल हो जाता है और इसका शुभ असर भी पड़ता है।

धन प्राप्ति के लिए भी है शुभ
 यह दिन धन और सुख-समृद्धि प्राप्त करने के लिए खास माना जाता है। इस दिन लोग सोने, चांदी, रत्न या आभूषण खरीदते हैं, ताकि उनका जीवन ऐश्वर्य से भरा रहे। आप भी इस अक्षय तृतीया पर सोने या चांदी के गहने खरीद सकते हैं।
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स्नान और व्रत भी है फलकारी
इस दिन नदियों में स्नान करने की परंपरा है। लोग इस दिन उपवासी रहते हैं और धार्मिक पूजा करते हैं, ताकि पुण्य कमाया जा सके। अक्षय तृतीया का दिन भगवान विष्णु और श्री कृष्ण की पूजा का खास महत्व है। इस दिन उनकी पूजा करने से जीवन में समृद्धि और आशीर्वाद प्राप्त होता है।

दान देने की है परंपरा
अक्षय तृतीया पर दान देने की परंपरा भी बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। लोग इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को वस्त्र, आभूषण या धन दान करते हैं, ताकी पुण्य की प्राप्ति हो और समाज में अच्छा काम हो। कहा जाता है कि पुराणों में भी यह लिखा गया है कि इस दिन पिण्डदान भी शुभ माना जाता है। पुराणों में लिखा गया है कि दिन अगर आप पितरों का तर्पण करते हैं तो यह अक्षय फल देता है।




डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

 
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