सपनों के विषय में मना जाता है कि यह भविष्य में होने वाली घटनाओं के संकेत होते हैं। रामचरित मानस में तुलसीदास जी ने सपनों के फलों का कई जगह उल्लेख किया है जो बताते हैं सपनों को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सपने आमतौर संकेत रुप में होते हैं। कुछ संकेत शुभ फलों की सूचना देते हैं तो कुछ अशुभ फलों के। यहां कुछ ऐसे सपनों का जिक्र किया जा रहा है जो अशुभ फलदायी होते हैं। इन सपनों का आना मृत्यु के समान कष्टदायक होता है।
मृत्यु करीब आती है
सपने में अगर कोई स्त्री अथवा पुरुष स्वयं को वस्त्रहीन होकर दक्षिण दिशा की ओर जाते देखे तो यह बहुत ही बड़ा अपशगुन सूचक स्वप्न होता है। यह स्वप्न आयु में कमी का संकेत होता है। मृत्यु करीब आती है।
दुआ करें कभी न आए ऐसे सपने
सपने में अपने हाथ पैर टेढ़े मेढ़े और अंग भंग देखना अशुभ फलदायी स्वप्न होता है। खुद को विकृत वेष देखना, बाल मुण्डित, लाल अथवा काले वस्त्र पहने हुए खुद को दक्षिण की ओर जाते देखना भी मृत्यु के समान कष्टकारी फल का सूचक स्वप्न होता है।
बुरे सपने आएं तो तुरंत करें यह काम
जब कभी भी ऐसे बुरे सपने आए तो तुंरत उठकर तुलसी के पौधे के पास जाएं और सपने में दिखे दृश्य तुलसी से कहें। इसके बाद वापस अपने बिछावन पर लौट आएं और भगवान का स्मरण करते हुए सो जाएं।
सपने में दिखे दृश्य का जिक्र किसी से नहीं करें। ऐसी मान्यता है कि तुलसी को अशुभ स्वप्न बता देने पर सपने को बुरा प्रभाव कम हो जाता है।