फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुश रहने का सीधा और सरल तरीका हर किसी के लिए

Sun, 06 Mar 2016 02:16 PM IST
रामचरण महेंद्र
विज्ञापन
positive life
विज्ञापन
किसी गांव में स्वामी रामानंद नाम के एक महात्मा रहते थे। लोग उनके पास अपनी कठिनाइयां लेकर आते थे और महात्मा उन्हें कोई न कोई समाधान सुझाते थे। एक दिन विराज नाम का एक साहूकार युवक आया और महात्मा से पूछने लगा, गुरुदेव मैं हमेशा खुश रहने का राज जानना चाहता हूं। महात्मा ने सिर्फ यह कहा कि तुम मेरे साथ जंगल में चलो, वहां मैं तुम्हें खुश रहने का राज बताऊंगा।
विज्ञापन


यह कहकर महात्मा और विराज, दोनों जंगल की तरफ चलने लगे। रास्ते में महात्मा ने एक बड़ा-सा पत्थर उठाया और उसे विराज को देते हुए कहा कि इसे पकड़ो और चलो। विराज ने पत्थर उठाया और वह महात्मा के साथ-साथ जंगल की तरफ चलने लगा।

पढ़े, सपने में दिखते हैं भगवान शिव, सांप और डमरू तो जानें इसका मतलब

कुछ समय बाद विराज के हाथ में दर्द होने लगा, लेकिन वह चुपचाप चलता रहा। कोई खास वजन नहीं था। लेकिन चलते हुए थोड़ा समय बीत गया और विराज से दर्द सहा नहीं गया, तो उसने महात्मा से कहा। सुनकर उन्होंने कहा, अगर दर्द हो रहा है, तो इस पत्थर को नीचे रख दो।पत्थर को नीचे रखने पर उस विराज को बड़ी राहत महसूस हुई।
विज्ञापन


पढ़ें,आपकी हथेली में मौजूद धन रेखा क्या कहती है खुद ही देख लीज‌िए

तभी महात्मा ने कहा, यही है खुश रहने का राज। विराज ने कहा, मैं समझा नहीं। इस पर महात्मा का जवाब था, जिस तरह इस पत्थर को एक मिनट तक हाथ में रखने पर थोड़ा-सा दर्द होता है, उसी तरह दुखों के बोझ को ज्यादा समय तक उठाए रखने पर हम ज्यादा दुखी और निराश रहेंगे। यह हम पर निर्भर करता है कि हम दुखों के बोझ को एक मिनट तक उठाए रखते हैं या जिंदगी भर।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें