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रोहतक की यह लड़की क्या थी पिछले जन्म में

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यह कहानी रोहतक के गांव गोल परवॉंपुर की है। इस गांव में एक ऐसी लड़की ने जन्म लिया जिसे न सिर्फ अपने पिछले जन्म की बातें याद है बल्कि यह उससे भी पिछले जन्म की बातें बताती है। लोगों को इस बात की जानकारी उस समय हुई जब इसकी मां एक दिन पड़ोस में कथा सुनने गई थी।
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मां जब कथा सुनकर लौटी तब चंचल ने पूछा कि, मां कौन सी कथा सुनकर आई हो। मां ने कहा कि मैं पूरी कथा ठीक से सुन नहीं पाई और मुझे पूरा याद भी नहीं है। मां की बातों को सुनकर चंचल बोली तुम्हें आज की कथा याद नहीं है और मुझे तो अपने पिछले जन्म की बातें भी याद है।

मां ने पहले तो चंचल की बातों को बाल सुलभ बातें समझकर ध्यान नहीं दिया। लेकिन जब चंचल ने अपने पूर्वजन्म की बातों का बताना शुरु किया तो सभी हैरान रह गए। चंचल ने बताया कि वह पिछले जन्म में क्या थी और उसकी मौत कैसे हुई थी। इतना ही नहीं चंचल ने अपने पूर्व जन्म के पूर्व जन्म की भी रहस्यमयी बातें बताई जो पता करने पर सही साबित हुई।
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पिछले जन्म में क्या थी चंचल

चंचल ने लोगों को बताया कि वह पिछले जन्म इंसान नहीं बल्कि एक गाय थी। उस जन्म में वह गाय के रूप में शाहदरा जिला लाहौर के एक मुस्लिम परिवार के पास रही।

यह गाय कम दूध देती थी। इसलिए एक दिन इसके मालिक ने खूब लाठियों से मारा। लाठी से मार खाकर गाय अचेत होकर गिर पड़ी। इसके बाद गाय फिर उठ नहीं पायी। गाय ने अपने प्राण त्याग दिए और इसके बाद उसका पुनर्जन्म चंचल कुमारी के रूप में हुआ है।

गाय के रूप में जन्म लेने से पहले की बात बताते हुए चंचल ने कहा कि वह इससे पूर्वजन्म में एक पुरुष था। उस जन्म में उसका नाम कृष्णलाल था।
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कृष्णलाल की मौत और चंचल की सच्चाई की चांज

चंचल ने कहा कि कृष्णलाल के पिता का नाम रामप्यारा नागपाल था। उस जन्म में वह पानीपत के एक स्कूल में शिक्षक हुआ करता था। कृष्णलाल की उम्र उम्र 25 वर्ष थी और परिवार के लोगों ने विवाह तय कर दिया था।

कृष्णलाल की सगाई भी हो चुकी थी। लेकिन दैवयोग से एक दिन अचानक उदर रोग के कारण कृष्णलाल की मृत्यु हो गई। चंचल कुमारी ने अपने उस जन्म के भाई और मां का नाम भी बताया।

चंचल कुमारी की जिद्द पर इनके माता पिता पानीपत लेकर गए। पानीपत में इसने अपने स्कूल को पहचान लिया और अपने घर को भी पहचान लिया। कृष्णलाल के परिवार वाले पानीपत छोड़कर कहीं और चले गए थे। लेकिन वहां के लोगों ने बताया कि यहां कुछ सालों पहले स्कूल के एक शिक्षक की मृत्यु पेट के रोग के कारण हुई थी।
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