फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुंदर स्त्री को देखकर ब्रह्मचारी नारद मुनि कर बैठे ऐसी गलती

Mon, 16 Feb 2015 12:15 PM IST
स्वामी अखंडानंद सरस्वती
विज्ञापन
विज्ञापन
नारद ने भगवान विष्णु से पूछा कि माया कैसी है? भगवान विष्णु यह प्रश्न सुनकर मुस्कराए और बोले-किसी दिन दिखा देंगे। इस संवाद को बहुत दिन हो गए। अवसर मिलते ही भगवान नारद को साथ लेकर चल दिए।
विज्ञापन


रास्ते में एक जगह विष्णु ने कहा, नारद थोड़ा पानी लाओ। नारद कमंडल लेकर चल दिए। थोड़ा आगे चलने पर उन्हें नींद आ गई। इतनी गहरी कि सपना देखने लगे। देखा कि वह किसी वनवासी के दरवाजे पर पहुंचे हैं। द्वार खटखटाया, तो एक सुंदर युवती निकली।

नारद उससे बातें करने लगे। दोनों के भीतर अनुराग की कोंपलें फूटने लगी। इसी बीच नारद ने अपना परिचय देकर विवाह का प्रस्ताव रखा। उसका परिवार भी राजी हो गया और तुरंत विवाह हो गया। नारद सुंदर पत्नी के साथ बड़े आनंदपूर्वक दिन बिताने लगे। यथासमय उनके तीन पुत्र भी हो गए।
विज्ञापन


तभी एक दिन भयंकर वर्षा हुई। घर के पास बहने वाली नदी में बाढ़ आ गई। नारद परिवार के साथ बचने के लिए भागे। पीठ और कंधे पर लदे हुए तीनों बच्चे उस बाढ़ में बह गए। यहां तक कि पत्नी भी उसी बाढ़ में बह गई। नारद किनारे पर निकल तो आए, पर परिवार गंवा बैठने पर फूट-फूटकर रोने लगे।

सोने और सपने में एक घड़ी गई थी। सपने मे वह बेतरह रो रहे थे। वह रोना इतना गहन था कि सोते-सोते उनके मुंह से रोने की आवाज निकल रही थी।

भगवान नारद को ढूंढते हुए खजूर के झुरमुट के पास पहुंचे। उन्होंने उन्हें सोते से जगाया, आंसू पोंछे और रुदन रुकवाया। नारद हड़बड़ाकर बैठ गए।

भगवान ने पूछा-हमारे लिए पानी लाने गए थे, क्या हुआ? नारद ने सपने में परिवार बसने और बाढ़ में बहने के दृश्य में समय चले जाने के कारण क्षमा मांगी। उन्होंने देखा कि उनकी वह दशा देख विष्णु मुस्करा रहे हैं।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें