दिल्ली में कई ऐसी जगह है जिसे भुतहा माना जाता है। इसमें जमाली कमाली मस्जिद और खूनी दरवाजे का नाम शामिल है। खूनी दरवाजे के बारे में यह कहा जाता है कि यहां मुगल वंश के अंतिम शासक बहादुर शाह जफर के बेटे मिर्जा मुगल, रिग्ज सुल्तान और पोते मिर्जा अबूबकर को नंगा करके उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इन तीनों की आत्मा खूनी दरवाजे की पास भटकती है और विदेशियों से अपने साथ हुए अन्याय का बदला लेने की कोशिश करती है। क्योंकि ब्रिटिश जनरल विलियम हडसन ने इन्हें मौत के घाट उतार दिया था।
खूनी दरवाजे की तरह ही दिल्ली का सलीमगढ़ का किला भी भुतहा माना जाता है। इस किले का निर्माण शेरशाह सुरी के बेटे सलीम शाह ने करवाया था। मुगल बादशाह औरंगजेब के समय इस किले का इस्तेमाल मुख्य कारागर के रुप में किया गया था। कहते हैं यहां पर औरंगजेब ने अपनी बेटी जेबुन्निसा को कैद करवा दिया था।
जेबुन्निसा धर्मपरायण और प्रतिभाशाली महिला थी। औरंगजेब के विरुद्घ शाहजादा अकबर के साथ गुप्त पत्र-व्यवहार करने का पता चलने पर जेबुन्निसा को 1691 में दिल्ली के सलीमगढ़ किले में नजरबंद कद दिया गया। यहां 21 वर्ष की उम्र में इसकी मौत हो गई। कहते हैं आज भी इस किले में जेबुन्निसा की रूह भटकती है।