कहते हैं जिस मनुष्य की इच्छाएं मरने के बाद भी समाप्त नहीं हो पाती हैं, वह मरकर भी जीवन के मायाजाल से मुक्त नहीं हो पाता है। ऐसे व्यक्ति की आत्मा इसी दुनिया में भटकती रहती है जिसे हम भूत प्रेत कहते हैं। भूत प्रेत कहीं भी और कभी भी हो सकते हैं।
लेकिन इनके कुछ खास ठिकाने होते हैं जहां इनकी मौजूदगी का एहसास बना रहता है। भारत की राजधानी दिल्ली में भी कुछ ऐसी जगहें हैं जो भूतों के ठिकाने के रुप में जाने जाते हैं। यहां आए दिन भूत प्रेतों की मौजूदगी का एहसास होता है।
पश्चिमी दिल्ली की भटकती आत्मा
पश्चिमी दिल्ली का हरा भरा इलाका है दिल्ली कैंट। ऐसा माना जाता है कि इस इलाके में सफेद कपड़ों में एक भूतनी भटकती है जो रात में यहां से गुजरने वाले मोटरसाइकल और कार सवारों से लिफ्ट मांगती है।
अगर कोई व्यक्ति उसके लिफ्ट मांगने पर नहीं रुकता है तो भूतनी को गुस्सा आ जाता है और वह गाड़ी की रफ्तार के साथ भागते हुए उस व्यक्ति का पीछा करती है और उसे गिरा देती है। कुछ लोगों का मानना है कि यह भूतनी द्वारका सेक्टर9 के आस-पास भी भटकती हुई नजर आती है।
यह भूतनी कौन है और यह आने जाने वालों से क्यों लिफ्ट मांगती है इस बात का पता नहीं चल पाया है।
मैक डी के बेसमेंट में भूत
पश्चिमी दिल्ली में ही एक और भूतों का ठिकाना है। यह ठिकाना ऐसा है जहां कभी न कभी दोस्तों और परिवार के साथ आप पार्टी मनाने जा सकते हैं क्योंकि यह ठिकाना है एक रेस्तरां।
इस रेस्तरां का नाम है मैकडोनाल्ड जो तिलक नगर में स्थित है। इस रेस्तरां का स्टोर बेसमेंट है। माना जाता है कि यह बेसमेंट भूतों का बसेरा है।
भूतों के डर के कारण यहां बेसमेंट की सफाई और स्टोर के सारे काम दिन में ही निबटा लिए जाते हैं। रात के समय स्टोर में जाने की कोई हिम्मत नहीं करता।
दिक्षिणी दिल्ली के जिन्न
दक्षिणी दिल्ली के मेहरौली इलाके में एक मस्जिद है जिसे जमाली कमाली मस्जिद के नाम से जाना जाता है। इस मस्जिद में दो सूफी संत जमाली कमाली को दफनाया गया था।
ऐसी मान्यता है कि इस मस्जिद में रात के समय कुछ जिन्न आते हैं। कई लोगों का कहना है कि जिन्न यहां मौजूद लोगों के गालों पर थप्पर मारते हैं। कई लोगों को यहां विचित्र अनुभव भी हुए हैं।
पुरानी दिल्ली का खूनी दरवाजा
पुरानी दिल्ली स्थिति खूनी दरवाजा भी भूतों का ठिकाना माना जाता है। इसे लाल दरवाजा भी कहते हैं। यहां पर ब्रिटिश जनरल विलियम हडसन ने मुगल वंश के अंतिम शासक बहादुर शाह जफर के बेटे मिर्जा मुगल, रिग्ज सुल्तान और पोते मिर्जा अबूबकर को नंगा करके उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी।
कहते हैं इन तीनों की आत्मा खूनी दरवाजे की पास भटकती है और विदेशियों से अपने साथ हुए अन्याय का बदला लेने की कोशिश करती है।