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जिंदगी में सफलता के लिए यह मंत्र याद रखें

Wed, 04 Jun 2014 11:14 AM IST
जेन कथा
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कुंग शुई को खुद पर बड़ा गुमान था कि वह बड़ा योद्धा है और उसके मुकाबले कोई टिक नहीं सकता। अपने आपको साबित करने के लिए वह अपने गुरु के पास गया, जिससे उसने युद्धकला और ध्यान के गुर सीखे थे। उसने गुरु का यथाविधि अभिवादन कर पूछा, सबसे महान तलवारबाज कौन है?
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गुरु ने उसके चेहरे की ओर देखा, और कहा, तुम यहीं पास के खेतों की ओर जाओ। वहां खेत में एक बड़ी चट्टान है। तुम उसके पास जाओ और उसे अपमानित करो। गुरु के इस उत्तर पर कुंग शुई को आश्चर्य हुआ। इस आदेश का उसके प्रश्न से कोई संबंध भी नहीं था। फिर भी गुरु ने कहा है, तो कोई राज जरूर होगा।

उसने पूछा, लेकिन मैं ऐसा क्यों करूं? चट्टान मुझे कोई उत्तर तो देगी नहीं। गुरु ने जवाब दिया, वह उत्तर न दे, तो उसे हाथों से पीटना। फिर भी न बोले, तो उस पर अपनी तलवार से प्रहार करना। कुंग शुई ने फिर पूछा कि यह सब करने से क्या होगा? तलवार से वार करूंगा, तो मेरी तलवार टूट जाएगी।
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यदि मैं चट्टान पर हाथों से प्रहार करूंगा, तो मेरी उंगलियां चोटिल हो जाएंगी। चट्टान पर कुछ असर तो होगा नहीं। लेकिन मैंने तो आपसे विश्व के सबसे महान तलवारबाज के विषय में पूछा था?
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गुरु ने कहा, महानतम तलवारबाज वही है, जो चट्टान की भांति अटल हो। केवल आत्मविश्वास से ही वह दिखा देता है कि वह अपराजित है।
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