आज योगिनी एकादशी है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और साधना करने से व्यक्ति के कई तरह के पापों और रोगों से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा इस एकादशी का व्रत रखने से 88 हजार ब्राह्राणों के बराबर का व्रत का फल मिलता है। योगिनी एकादशी पर भगवान विष्णु को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए तुलसी के पौधे से जुड़ा हुआ कोई उपाय बहुत ही लाभकारी और कारगर माना जाता है। इस उपाय को करने से सभी तरह की आर्थिक परेशानियों से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं।
एकादशी पर तुलसी से जुड़े कुछ उपाय
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। तुलसी भगवान विष्णु को बहुत ही प्रिय होती है इस कारण से इन्हें हरिप्रिया भी कहते हैं। एकादशी पर तुलसी के पौधे से जुड़ा हुआ कोई उपाय अगर किया जाय तो व्यक्ति का भाग्य खुल जाता है।
धन लाभ और आर्थिक सुख-समृद्धि के लिए
एकादशी पर माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा के लिए इस दिन शाम के समय तुलसी के पौधे के पास शुद्ध देसी घी का दीपक जलाना चाहिए। इसके अलावा दीपक जलाते समम ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का लगातार जाप करें। इस उपाय से जीवन में सुख, समृद्धि और आर्थिक संपन्नता आती है।
आर्थिक तंगी से छुटकारा पाने के लिए
अगर आपके जीवन में लगातार धन से जुड़ी परेशानियां आ रही है तो तुससी के पौधे से जुड़ा एक छोटा सा उपाय बहुत ही कारगर रहेगा। जो आर्थिक तंगी, कर्ज और व्यापार में घाटे से परेशान हैं उनको एकादशी के दिन तुलसी के पौधे पर थोड़ा कच्चा दूध अर्पित करें। इससे जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होंगी।
सुख और शांति की प्राप्ति के लिए उपाय
जीवन में सुख और शांति हासिल करने के लिए एकादशी पर तुलसी के पत्ते पर चंदन से उस पर श्री लिखकर भगवान विष्णु के चरणों में अर्पित कर दें। इससे जीवन में कलह-क्लेश कम होंगे और घर के हर एक सदस्यों के बीच प्रेम और स्नेह बना रहेगा।
कुछ ध्यान देने वाली बातें
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत ही पवित्र माना जाता है। ऐसे में इसके लिए कुछ नियम होते हैं जिनका पालन करना जरूरी होता है। एकादशी के दिन तुलसी के पत्तों को बिल्कुल ही ना तोड़ें, दरअसल एकादशी के दिन तुलसी के पत्तों को ना तोड़ने की वजह यह होती है कि इस दिन माता तुलसी स्वयं व्रत पर रहती हैं। इसलिए पूजा के दौरान सभी तरह के नियमों का पालन करना चाहिए।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।