नए हफ्ते की शुरुआत 27 अप्रैल को विनायक चतुर्थी के साथ आरंभ हो रही है। यह सप्ताह अप्रैल माह का अंतिम सप्ताह है। 28 अप्रैल को शंकराचार्य जयंती है। 29 अप्रैल को रामानुजाचार्य जयंती, फिर 30 अप्रैल को चित्रगुप्त और गंगा सप्तमी है। इसके बाद 2 मई को सीता नवमी है। आइए जानते हैं इस हफ्ते इन त्योहार का क्या है महत्व...
27 अप्रैल-विनायक चतुर्थी व्रत
चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है। हर महीने दो चतुर्थी मनाई जाती है। एक चतुर्थी को विनायक चतुर्थी जबकि दूसरी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं। विनायक चतुर्थी शुक्ल पक्ष में आती है जबकि संकष्टी चतुर्थी कृष्ण पक्ष में। जीवन में सभी बाधाएं गणेश चतुर्थी का व्रत करने से दूर हो जाती हैं।
28 अप्रैल- आदि शंकराचार्य जयंती
भगवान के अंशावतार माने जाने वाले आदि शंकराचार्य का जन्म वैशाख शुक्ल पंचमी को भारत के दक्षिण राज्य केरल के कालड़ी नामक ग्राम में शिव भक्त भट्ट ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम शिवगुरु नामपुद्री और माता का नाम विशिष्टादेवी था ये पति-पत्नी परम शिव भक्त थे।
30 अप्रैल - गंगा सप्तमी
वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी के दिन मां गंगा स्वर्गलोक से पृथ्वी पर भगवान शंकर की जटाओं के माध्यम से अवतरित हुई थी। गंगा जयंती के दिन गंगा पूजन एवं स्नान से रिद्धि-सिद्धि, यश-सम्मान की प्राप्ति होती है तथा समस्त पापों का क्षय होता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा पूजन से ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम होते हैं ,विधिविधान से गंगा पूजन करना मोक्ष प्रदायक,अमोघ फलदायक माना गया है।
02 मई- सीता नवमी
सीता नवमी, माता सीता के मिथिला के राजा जनक के यहां बेटी रूप में अवतरित होने की खुशी में मनाया जाता है। सीता जयंती वैशाख शुक्ल पक्ष की नवमी को होता है वहीं भारत के कुछ हिस्सों में फाल्गुन माह के कृष्ण अष्टमी के दिन भी मनाया जाता है।