विवाह पंचमी के पूजन का शुभ मुहूर्त
पंचमी तिथि आरंभ- 18 दिसंबर 2020 को रात 2.22 मिनट से
पंचमी तिथि समाप्त- 19 दिसंबर 2020 को दोपहर 2.14 मिनट तक
विवाह पंचमी का महत्व
हिंदू धर्म में विवाह पंचमी का खास महत्व माना जाता है। इस दिन भगवान राम और माता सीता का स्वयंवर रचाया जाता है। साथ ही दोनों की विशेष पूजा की जाती है। जिन लोगों की शादी में बाधाएं आ रही है उनके लिए विवाह पंचमी पर पूजन करना बहुत लाभदायक होता है। माना जाता है कि इससे विवाह में आने वाली सारी बाधाएं दूर होती हैं और एक सुयोग्य साथी की प्राप्ति होती है। इस दिन पूजा अर्चना करने से वैवाहिक जीवन भी सुखमय बनता है। दांपत्य जीवन की सारी समस्याएं स्वतः ही दूर हो जाती हैं।
भृगु संहिता में विवाह पंचमी के दिन को शादी-विवाह के लिए अबूझ मुहूर्त के रूप में बताया गया है। लेकिन मिथिलावासी इस दिन को अपनी बेटियों का विवाह नहीं करते हैं। वहां ऐसी धारणा है कि विवाह पंचमी के दिन माता सीता और प्रभु श्रीराम का विवाह होने के कारण दोनों को वैवाहिक जीवन का सुख नहीं मिला था। इस कारण लोग इस दिन अपनी बेटियों का विवाह नहीं करते हैं।