फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Vinayaka Chaturthi 2025: विनायक चतुर्थी आज, करें गणेश और चंद्रदेव का पूजन, होंगे विघ्न दूर और मिलेगी सफलता

Sat, 28 Jun 2025 11:00 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Vinayaka Chaturthi 2025: प्रत्येक माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के रूप में मनाने की परंपरा है, लेकिन आषाढ़ मास की शुक्ल चतुर्थी को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। इसे आषाढ़ शुक्ल विनायक चतुर्थी कहा जाता है।
विज्ञापन
आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Vinayaka Chaturthi 2025: सनातन धर्म में प्रत्येक माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के रूप में मनाने की परंपरा है, लेकिन आषाढ़ मास की शुक्ल चतुर्थी को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। इसे आषाढ़ शुक्ल विनायक चतुर्थी कहा जाता है। आषाढ़ माह में 28 जून 2025 को विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जा रहा है। इस तिथि पर पुष्य नक्षत्र और हर्षण योग बना हुआ है।

विज्ञापन


पुराणों के अनुसार, यह दिन भगवान गणेश को प्रसन्न करने का अत्यंत शुभ अवसर होता है। श्रीगणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि और सफलता के देवता माना गया है। इस दिन उपवास रखने और विधिवत पूजन करने से जीवन में आने वाले समस्त संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। यह तिथि विद्यार्थियों, व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और संतान सुख की इच्छा रखने वालों के लिए अत्यंत फलदायक मानी जाती है। विशेष रूप से यह दिन नवदंपतियों और नवकार्य आरंभ करने वालों के लिए अत्यंत शुभ है।

व्रत और पूजन का महत्व
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और भगवान गणेश अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं। यह व्रत जीवन से मानसिक तनाव, कार्यों में विघ्न, पारिवारिक अशांति आदि को समाप्त कर सुखद जीवन की ओर अग्रसर करता है। श्रद्धा और नियमपूर्वक इस व्रत को करने से आत्मबल में वृद्धि होती है और कार्यों में सफलता मिलती है।
विज्ञापन


पूजा विधि
प्रातकाल स्नानकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजन स्थल को शुद्ध करके वहां पीला या लाल वस्त्र बिछाकर भगवान श्रीगणेश की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। उन्हें सिंदूर, अक्षत, दूर्वा, लाल फूल, पंचमेवा और मोदक अर्पित करें। इसके बाद “ॐ गं गणपतये नमः”मंत्र का जाप करें अथवा गणेश चालीसा, गणपति अथर्वशीर्ष या संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करें। दिनभर व्रत रखते हुए फलाहार करें और संध्या को दोबारा पूजन करें। रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजा संपन्न करें।

Vinayak chaturthi 2025: शुभ संयोग में विनायक चतुर्थी आज, इस विधि से करें गणपति की पूजा
विज्ञापन


चंद्र दर्शन का महत्व 
आषाढ़ शुक्ल विनायक चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन शुभ माने जाते हैं। इस दिन रात्रि को चंद्रमा को अर्घ्य देने की विशेष परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि चंद्रमा को अर्घ्य देने से मन की शुद्धि होती है, शांति प्राप्त होती है और मानसिक विकार समाप्त होते हैं। चंद्रमा को शीतलता, मन और सौंदर्य का प्रतीक माना गया है। गणेश पूजन के साथ चंद्र पूजन करने से मानसिक संतुलन और पारिवारिक सामंजस्य बढ़ता है। कुछ क्षेत्रों में तो इस दिन विशेष चंद्र पूजन का विधान भी बताया गया है, जिससे मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें