Vat Savitri Pujan Samagri: वट सावित्री पूजा एक हिंदू त्योहार है जो विवाहित महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र की कामना के लिए करती हैं। यह देवी सावित्री को समर्पित है और इसमें दीर्घायु के प्रतीक के रूप में बरगद के पेड़ (वट या बरगद वृक्ष)की पूजा शामिल है। वट सावित्री पूजा ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है, जो आमतौर पर ग्रेगोरियन कैलेंडर में मई और जून के बीच आती है। इस साल 6 जून को वट सावित्री का व्रत रखा जाएगा। मान्यता है कि जो भी सुहागिन महिलाएं इस व्रत को पूरे विधि-विधान से करती हैं, उन्हें अखंड सौभाग्यवती होने का का वरदान प्राप्त होता है। इस साल कई महिलाएं ऐसी होंगी जो पहली बार वट सावित्री पूजा के दिन व्रत रखकर वट वृक्ष की पूजा आराधना करेगी। इस व्रत की पूजा सुबह से ही शुरू हो जाती है, इसलिए कहते हैं कि व्रत की पूजा सामग्री एक दिन पहले ही जुटा लेना उचित होता है। आइए जानते हैं कि वटवृक्ष की पूजा आराधना करने के लिए क्या-क्या पूजन सामग्री आवश्यक है।
वट सावित्री व्रत 2024 तिथि
पंचांग के अनुसार, इस साल ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 5 जून शाम 7 बजकर 54 मिनट पर शुरू होगी जिसका समापन 6 जून शाम 6 बजकर 7 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार इस बार वट सावित्री व्रत 6,जून 2024 दिन गुरुवार को रखा जाएगा।