इसके अलावा द्वापर युग में राधा और श्रीकृष्ण के बीच प्रेम पनपा। बसंत पंचमी के दिन से ही राधा- कृष्ण के बीच होली खेलने की शुरुआत हो जाती है। इसलिए बसंत पंचमी को भारतीय संस्कृति में सरस्वती पूजन और प्रेम दिवस के रूप में भी मनाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।
कामदेव का निवास यौवन, स्त्री, सुंदर फूल, गीत, परागकण, पक्षियों के स्वर, सुंदर बाग-बगीचा, बसंत ऋतु, चंदन, काम वासना, मन्द हवा, सुन्दर घर, आकर्षक वस्त्र और आभूषण धारण किए अंगों पर है। इनके अलावा कामदेव स्त्रियों के शरीर में वास करते हैं। खासतौर पर स्त्रियों के नयन, भौंह, ललाट और होठों पर इनका प्रभाव रहता है। व्यक्ति को प्रेम वाण से घायल करने के लिए कामदेव इन अस्त्रों का भी प्रयोग करते हैं।