Varuthini Ekadashi 2020: वरुथिनी एकादशी का धार्मिक रूप से बड़ा महत्व है। हिन्दू पंचांग के अनुसार वरुथिनी एकादशी वैशाख माह में आती है और यह वैशाख माह चल रहा है। वैशाख कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को वरुथिनी एकादशी कहते हैं। इस दिन व्रत एवं पुण्य कार्य करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। विशेष रूप से एकादशी तिथि के दिन भगवान विष्णु की आराधना की जाती है। वरुथिनी शब्द संस्कृत के वरुथिन् से बना है जिसका अर्थ है - कवच और यह कवच संकटों के लिए है। मान्यता के अनुसार, इस व्रत करने वाला व्यक्ति समस्त प्रकार के संकटों से मुक्त हो जाता है।
वरुथिनी एकादशी व्रत का महत्व
शास्त्रों में वरुथिनी एकादशी को सौभाग्य और पुण्य प्रदान करने वाली एकादशी कहा गया है। इस दिन व्रत करने वालों के सारे पाप और कष्ट मुक्त हो जाते हैं। वरुथिनी एकादशी व्रत बहुत ही पुण्यदायी होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि इस दिन यदि कोई व्यक्ति वरुथिनी एकादशी का व्रत रहता है, वह ब्राह्मण को दान देता है तो उसे लाखों वर्षों तक ध्यान करने और कन्या दान से मिलने वाले पुण्य के समान फल मिलता है।