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Tulsi Vivah 2024: तुलसी विवाह पर पूजा के दौरान पढ़ें ये आरती और मंत्र, प्रसन्न होती हैं विष्णु प्रिया

Mon, 11 Nov 2024 03:59 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Tulsi Ji Ki Aarti Lyrics In Hindi: इस बार तुलसी जी का विवाह 12 नवंबर को है। इस दिन शाम के समय विधि-विधान के साथ पूजन और तुलसी जी का विवाह किया जाता है। विवाह के दौरान तुलसी जी की आरती और मंत्र जरूर पढ़ना चाहिए। 
 
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तुलसी विवाह: आरती और मंत्र - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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Tulsi Vivah 2024: हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को तुलसी विवाह का आयोजन किया जाता है। इस दिन को देवउठनी, देवोत्थान और देवप्रबोधिनी के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म के अनुसार सृष्टि के पालनहार श्री हरि भगवान विष्णु देवउठनी एकादशी पर चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं। भगवान विष्णु के जागने पर इस दिन तुलसी विवाह का आयोजन किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरूप संग तुलसी विवाह विधि-विधान के साथ किया जाता है। ऐसे में विवाह के दौरान तुलसी जी की आरती और मंत्र जरूर पढ़ना चाहिए। इससे तुलसी माता के साथ मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं और साधक को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। तुलसी विवाह की आरती और मंत्र इस प्रकार है...    
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तुलसी जी के मंत्र -
महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यं तुलसी त्वं नमोस्तुते।।


1- तुलसी माता की आरती 

जय जय तुलसी माता
सब जग की सुख दाता, वर दाता
जय जय तुलसी माता ।।

सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर
रुज से रक्षा करके भव त्राता
जय जय तुलसी माता।।

बटु पुत्री हे श्यामा, सुर बल्ली हे ग्राम्या
विष्णु प्रिये जो तुमको सेवे, सो नर तर जाता
जय जय तुलसी माता ।।

हरि के शीश विराजत, त्रिभुवन से हो वन्दित
पतित जनो की तारिणी विख्याता
जय जय तुलसी माता ।।

लेकर जन्म विजन में, आई दिव्य भवन में
मानवलोक तुम्ही से सुख संपति पाता
जय जय तुलसी माता ।।

हरि को तुम अति प्यारी, श्यामवरण तुम्हारी
प्रेम अजब हैं उनका तुमसे कैसा नाता
जय जय तुलसी माता ।।


2- तुलसी माता की आरती 

तुलसी महारानी नमो-नमो,
हरि की पटरानी नमो-नमो ।

धन तुलसी पूरण तप कीनो,
शालिग्राम बनी पटरानी ।
जाके पत्र मंजरी कोमल,
श्रीपति कमल चरण लपटानी ॥

धूप-दीप-नवैद्य आरती,
पुष्पन की वर्षा बरसानी ।
छप्पन भोग छत्तीसों व्यंजन,
बिन तुलसी हरि एक ना मानी ॥

सभी सखी मैया तेरो यश गावें,
भक्तिदान दीजै महारानी ।
नमो-नमो तुलसी महारानी,
तुलसी महारानी नमो-नमो ॥

तुलसी महारानी नमो-नमो,
हरि की पटरानी नमो-नमो ।


 

 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

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