चैत्र महीने की कृष्ण पक्ष की सप्तमी और अष्टमी तिथि को शीतला सप्तमी मनाई जाती है। यह उपवास आज किया जा रहा है। कुछ लोग सप्तमी तिथि पर वहीं कुछ अष्टमी को यह व्रत रखते हैं। ऐसी मान्यता है शीतला सप्तमी और अष्टमी पर व्रत रखने मनोकामनओं की पूर्ति और बीमारियों से रक्षा होती है। शीतला सप्तमी या अष्टमी को मां को बासी प्रसाद चढ़ाया जाता है। यह प्रसाद एक दिन पहले ही बना कर रख लिया जाता है। फिर सप्तमी या अष्टमी को घर पर किसी तरह का कोई भी भोजन नहीं बनता। इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से व्यक्ति को चेचक, खसरा जैसे रोगों का प्रकोप नहीं रहता।