आज शनि त्रयोदशी है यानी भगवान शिव और शनिदेव दोनों की आराधना का सबसे अच्छा समय है। शनि त्रयोदशी को शनि प्रदोष के नाम से जाना जाता है। जब प्रदोष व्रत शनि के दिन पड़ता है तो उसे शनि प्रदोष कहते हैं। ऐसे में जिन लोगों की कुंडली में शनि से संबंधित किसी तरह का दोष या बुरा प्रभाव है उनके लिए शनि प्रदोष का व्रत रखना, शिव जी और शनि देव की आराधना करना बहुत ही शुभ माना जाता है। शनि प्रदोष के दिन जहां पर शनिदेव की पूजा करने से लाभ मिलता है, वहीं भूलवश अगर किसी तरह की कोई गलतियां हो तो शनिदेव रुष्ट हो जाते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कौन सी सावधानी रखनी चाहिए।
शनि प्रदोष पर भूलकर ना खरीदें ऐसी चीजें
- शनि त्रयोदशी पर लोहे के सामान खरीदना वर्जित होता है। इससे घर में अशांति और दरिद्रता रहती है
- शनिवार के दिन शनि प्रदोष व्रत रखने के दौरान भूलकर इस दिन बाजार से तेल ना खरीदें। बल्कि इसे एक दिन पहले से ही खरीद कर रख लें। शनिवार के दिन शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित करना शुभ माना जाता है।
- शनि त्रयोदशी के दिन काला तिल और चमड़े की वस्तुओं को खरीदने से बचना चाहिए।
शनि प्रदोष व्रत शनि मंदिर जाएं लेकिन ना करें ये काम
शनि प्रदोष पर शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन शनि मंदिर जाकर सरसों का तेल अर्पित करने की परंपरा होती है। लेकिन इस दौरान शनि देव की मूर्ति में उनकी आंखों में ना दें बल्कि चरणों के दर्शन करते हुए उनकी पूजा करें।
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शनि त्रयोदशी पर गरीबों और असहायों को अपमान करने से बचें
ज्योतिष में शनि देव को न्याय का दर्जा मिला हुआ है। शनिदेव गरीबों, सेवक, मजदूर और वंचितों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में कभी भी इन लोगों को भला-बुरा करने से बचें। साथ ही जानवरों को परेशान करने से बचें।
ना करें इन चीजों का सेवन
शनि त्रयोदशी के दिन सादा भोजन करना चाहिए ना कि इस दिन मांस-मदिरा का सेवन करना चाहिए। इसके साथ इस दिन किसी तरह के नशे से भी बचना चाहिए।
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शनि त्रयोदशी पर क्या करें
शनि त्रयोदशी पर शनिदेव की पूजा करने पर विशेष लाभ मिलता है। इस दिन शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और काले तिल का दान करें। इससे शनिदेव से जुड़े मंत्रों का जाप करें। इस दिन असहायों को कंबल, काले तिल और जूते-चप्पल का दान करें।
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