Shani Jayanti and Vat Savitri Vrat 2024: ज्येष्ठ माह की शुरुआत हो चुकी है और इस माह आने वाले सभी त्योहारों का विशेष महत्व है। इस माह की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि बेहद शुभ रहने वाली है। इस दिन शनि जयंती और वट सावित्री व्रत रखा जाएगा। बता दें वट सावित्री का उपवास ज्येष्ठ मास की अमावस्या और पूर्णिमा तिथि को रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन उपवास करने से अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद मिलता है। यह उपवास पति की लंबी आयु के लिए रखा जाता है। इस दौरान कुछ महिलाएं निर्जला व्रत भी रखती है और बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर शनि जयंती भी मनाई जाती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार शनि देव का जन्म ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को हुआ था। इस दिन इनकी पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। शनिदेव की कृपा पाने के लिए यह तिथि बेहद ही शुभ मानी जाती है। इस तिथि पर पूजा करने से व्यक्ति के रुके हुए कार्यों को गति मिलती है। ऐसे में आइए पूजा विधि के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।