फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shani Jayanti 2020: जानिए कब मनाई जाएगी शनि जयंती, क्या है इसका महत्व

Mon, 04 May 2020 03:29 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
Shani Jayanti 2020: शनि जयंती हर साल ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि पर मनाई जाती है।
विज्ञापन

Shani Jayanti 2020: शनि जयंती हर साल ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि पर मनाई जाती है। इस दिन शनिदेव की विशेष रूप से पूजा की जाती है। शनि न्याय के देवता है। शनि की कृपा हो जाने से व्यक्ति रंक से राजा बन जाता है। जिन लोगों पर साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि दोष चढ़ा हुआ है उनके लिए शनि अमावस्या का विशेष महत्व होता है। ज्योतिष में शनि बहुत ही धीमी गति से चलते हैं वे एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करने के लिए ढाई साल का समय लगता है। शनि की महादशा 19 वर्षों की होती है। 22 मई को शनि अमावस्या है। इस दिन विशेष रूप से शनि की पूजा और दान दिया जाता है। 

शनि साढ़े साती और ढैय्या से बचने के लिए शनि धाम कोकिलावन में कराएं तेल अभिषेक

कौन है शनि देव

विज्ञापन

शनिदेव देवता भी है और सभी नौ ग्रहों में प्रमुख ग्रह भी हैं। शनिदेव सूर्य और छाया के पुत्र है। इनका जन्म ज्येष्ठ माह की अमावस्या के दिन हुआ था। ज्योतिष शास्त्र में सभी ग्रहों में शनि की विशेष भूमिका होती है। कुंडली में अगर शनि शुभ भाव में रहें तो व्यक्ति को सबकुछ प्राप्त हो जाता है, लेकिन अगर शनि अशुभ भाव में रहता है तो व्यक्ति तमाम तरह की परेशानियां और बीमारियां घेर लेती हैं।

शनि अमावस्या पूजा के लाभ
- शनि देव की पूजा करने से शनि की कुदृष्टि व्यक्ति पर नहीं पड़ती है। 
- शनि देव को कर्म फल दाता भी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि शनि देव कर्म के अनुसार ही व्यक्ति को फल देते हैं। शनिवार,शनि जयंती और अमावस्या पर इनकी पूजा से विशेष फल की प्राप्ति होती है।  
विज्ञापन

- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार और शनिवार संकटमोचन हनुमान जी का है। अगर आप पर भी शनि की बुरी दशा चल रही है तो हनुमान जी की पूजा करें। हनुमान जी की पूजा करने से सभी तरह के दुष्प्रभाव दूर हो जाते हैं और जीवन में सब कुछ पहले से बेहतर हो जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें