15 मई, मंगलवार को अमावस्या पर शनि जयंती है। भगवान शिव ने शनि को न्यायाधीश का दर्जा दे रखा है यानी भगवान शनि व्यक्ति को उसके कर्मो के हिसाब से दण्ड या फिर आशीर्वाद प्रदान करते हैं। जिस भी व्यक्ति पर शनि की टेढ़ी नजर पड़ जाती है उसकी परेशानियां शुरू होने लगती हैं। आखिर शनिदेव की छाया इतनी अशुभ क्यों है आइए जानते हैं इसके पीछे का कारण।
शाप के कारण है शनि की नजर है अशुभ
शनि का विवाह एक ऐसी कन्या से हुआ था , जो स्वभाव से बहुत ही उग्र थी एक बार शनिदेव की पत्नी पुत्र की लालसा में उनके पास पहुंची लेकिन शनि भगवान की भक्ति में इतने लीन थे कि उन्हें इस बात का पता ही नहीं चला।
इससे आहत होकर पत्नी ने शनि को शाप दिया कि जिस पर आपकी दृष्टि पड़ेगी उसका सबकुछ नष्ट हो जायेगा। क्योंकि पत्नी होने पर भी शनि देव ने कभी उनको प्रेम की नजर से नहीं देखा। इसी कारण से शनि की नजर को अशुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार कभी भी शनिदेव की प्रतिमा के आंखों में आंखे मिलाकर दर्शन नहीं करना चाहिए हमेशा नजरे उनके पैरों की तरफ होनी चाहिए।
शनि की अशुभ नजर के संकेत
1 शनि की अशुभ छाया का पहला संकेत पैसों का नुकसान होना।
2 अचानक ही कोई कीमती चीज का बार- बार खोना।
3 बनते हुए काम का अचानक ही बिगड़ जाना।
4 पैरों से जुड़ी हुई कोई बीमारी का होना।
5 घर में पालतू जानवर की मृत्यु होना।
6 बार-बार किसी विवाद में पड़ना और कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाना