Shani Amavasya 2022: आज भाद्रपद माह की अमावस्या तिथि है और इस अमावस्या को शनिश्चरी अमावस्या के रूप में मनाया जा रहा है। जब अमावस्या की तिथि शनिवार के दिन आती है तो इसे शनि अमावस्या के नाम से जाना जाता है। अमावस्या तिथि पर गंगास्नान, दान , पूजा-पाठ और पितरों का तर्पण आदि किया जाता है। शनि अमावस्या पर भगवान शनिदेव की विशेष रूप से पूजा की जाती है। इस बार शनि अमावस्या पर 14 वर्षों बाद बहुत ही दुर्लभ संयोग बन है। अमावस्या तिथि पर कुछ उपाय करने से शनिदोष से परेशान व्यक्ति को लाभ मिलता है। हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि पितरों का समर्पित होती है। इस दिन स्नान और पितरों का तर्पण करने से विशेष फल की प्राप्ति होती क्योंकि अमावस्या तिथि पर पितरों की पूजा करने पर वे प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद देते हैं। आइए जानते हैं शनि अमावस्या तिथि का महत्व और पूजा के लाभ...