Lord Ganesha Aarti Lyrics In Hindi: आज यानी 29 जनवरी 2024 को सकट चौथ का पर्व मनाया जा रहा है। सकट चौथ को तिलकुटा चौथ, तिल चतुर्थी और माघी चतुर्थी भी कहा जाता है। इस दिन संतान की लंबी उम्र के लिए माताएं व्रत रखती हैं और भगवान गणेश की पूजा करती हैं। भगवान श्री गणेश प्रथम पूज्य देव माने जाते हैं। किसी भी शुभ काम को करने से पहले भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान गणेश की पूजा करने से सभी विघ्न-बाधाएं हमेशा के लिए दूर हो जाती हैं। सकट चौथ के दिन व्रत रख कर शुभ योग में पूजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। साथ ही इस दिन गणपति बप्पा की आरती पढ़ने से सौभाग्य में वृद्धि होती है। यहां भगवान श्री गणेश की आरती लिरिक्स दी जा रही है, जहां से आप पूजा के दौरान इसे पढ़ सकते हैं...
गणेश जी की आरती
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे संत करें सेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥