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Phulera Dooj 2021: फुलेरा दूज पर खेली जाती है फूलों की होली, मांगलिक कार्य के लिए होता है अबूझ मुहूर्त

Mon, 15 Mar 2021 07:32 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

फुलेरा दूज पर्व 15 मार्च को है। हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलेरा दूज का पर्व मनाया जाता है।
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फुलेरा दूज 2021 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फुलेरा दूज पर्व 15 मार्च को है। हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलेरा दूज का पर्व मनाया जाता है। यह त्योहार भगवान कृष्ण को समर्पित है। मुहूर्त शास्त्र के अनुसार, मांगलिक कार्यों के लिए फुलेरा दूज को अबूझ मुहूर्त के रूप में देखा जाता है। शादी-विवाह, संपत्ति की खरीद जैसे शुभ कार्यों को करने के लिए फुलेरा दूज के दिन को अत्यधिक पवित्र माना जाता है।

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फुलैरा दूज मुहूर्त
फाल्गुन द्वितीया आरंभ- 14 मार्च 2021 को शाम 05 बजकर 06 मिनट से
फाल्गुन द्वितीया समाप्त- 15 मार्च 2021 को शाम 06 बजकर 49 मिनट पर

फुलेरा दूज पर खेली जाती है फूलों की होली
फुलेरा दूज पर घरों को फूलों और रंगोली से सजाया जाता है। साथ ही फुलेरा दूज पर भगवान कृष्ण को विशेष प्रकार के पकवानों का भोग लगाया जाता है। पकवान में पोहा एवं अन्य प्रकार के व्यंजनों को शामिल किया है जिसे सभी लोगों में प्रसाद के रूप में बांटा जाता है।

धार्मिक मान्यता
ऐसी मान्यता है कि इस दिन राधा कृष्ण की पूजा करने से सभी तरह की मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। फुलेरा दूज पर ब्रज की समस्त गोपियों ने राधा-कृष्ण के प्रेम की खुशी में फूल बरसाए थे, इस कारण से इस त्योहार का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने होली खेलने की परंपरा शुरू की थी।
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ब्रज और वृंदावन में होता है खास उत्सव
फुलेरा दूज के दिन ब्रज और वृंदावन में बहुत ही धूम देखने को मिलती है। इस दिन मथुरा वृंदावन और ब्रज में मंदिरों को फूलों से सजाया जाता है, इसके साथ ही फूलों की होली खेली जाती है। मंदिरों में भगवान कृष्ण के होली के भजन गाए जाते हैं। हर तरफ गुलाल और फूलों से वातावरण सराबोर हो जाता है।
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