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Navratri 2020: 25 मार्च से नवरात्रि आरंभ, जानें इसके बारे में सबकुछ

Mon, 16 Mar 2020 07:35 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
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navratri 2020
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25 मार्च से नवरात्रि आरंभ होने जा रहा है। यह नवरात्रि चैत्र महीने का बसंत नवरात्रि है। नवरात्रि के नौ दिन बहुत ही शुभ और मंगलकारी समय होता है। इन नौ दिनों में देवील दूर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के नौ दिनों में हर एक दिन का अलग महत्व होता है। जिसमें पूरी श्रद्धा के साथ माता की उपासना और पूजा आराधना होती है। नवरात्रि के पहले दिन से लेकर आखिरी दिन तक क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है आइए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ...
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नवरात्रि के नौ दिनों में कैसी पूजा
- नवरात्रि का व्रत पूरे नौ दिनों तक रखा जाता है।
- नवरात्रि के पहले दिन प्रतिपदा तिथि पर घटस्थापना यानि घर पर कलश स्थापना होती है।
- नवरात्रि में पूरे नौ दिनों तक उपवास रखकर पूजा-पाठ किया जाता है।
- नवरात्रि में माता को हर दिन अलग-अलग भोग लगाया जाता है।
- नवरात्रि के अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन के साथ नवरात्रि का समापन होता है।

 एक साल में आते हैं 4 नवरात्रि
साल में कुल चार नवरात्रि होते हैं- दो सामान्य नवरात्रि और दो गुप्त नवरात्रि। चैत्र और आश्विन माह का नवरात्रि और आषाढ़ और माघ के गुप्त नवरात्रि।  तांत्रिक सिद्धियों को प्राप्त करने के लिए गु्प्त नवरात्रि में मां की उपासना होती है जबकि गृहस्थ जीवन में सभी तरह की मनोकामना की पूर्ति के लिए चैत्र और शारदीय नवरात्रि को प्रमुख माना जाता है।
चैत्र नवरात्रि
चैत्र नवरात्रि के समय मौसम का बदलाव होता है। सर्दियां जाती है और गर्मी के मौसम का आगमन होता है। गर्मी के मौसम में बीमारियों का खतरा सबसे ज्यादा होता है। ऐसे में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए व्रत रखा जाता है।
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घटस्थापना विधि
नवरात्रि के पहले दिन प्रतिपदा तिथि पर शुभ मुहूर्त को ध्यान में रखकर घटस्थापना की जाती है। पूजा स्थल पर मिट्टी की वेदी बनाकर उसमें जौ बोएं और मिट्टी का कलश रखें। कलश के ऊपर रोली से ॐ और स्वास्तिक आदि लिख दें। आपको कोई भी मंत्र आता हो या नहीं आता हो इस बात की चिंता न करें। कलश स्थापन के समय अपने पूजागृह में पूर्व के कोण की तरफ अथवा घर के आँगन से पूर्वोत्तर भाग में पृथ्वी पर सात प्रकार के अनाज रखें। संभव हो तो नदी की रेत रखें फिर जौ भी डाले इसके उपरांत कलश में जल, गंगाजल, लौंग, इलायची,पान, सुपारी, रोली, मोली, चन्दन, अक्षत, हल्दी, रुपया पुष्पादि डालें।

नवरात्रि के 9 दिन और 9 देवियां
पहला दिन- प्रतिपदा- मां शैलपुत्री की उपासना
दूसरा दिन- द्वितीया- मां ब्रह्राचारिणी की उपासना
तीसरा दिन- तृतीया- मां चंद्रघंटा की उपासना
चौथा दिन-  चतुर्थी तिथि- मां कूष्मांडा की उपासना
पांचवा दिन- पंचमी तिथि- मां स्कंदमाता की उपासना
छठा दिन- षष्ठी तिथि- मां कात्यायनी की उपासना
सातवां दिन- सप्तमी तिथि- मां कालरात्रि की उपासना
आठवां दिन- अष्टमी तिथि- मां महागौरी की उपासना
नौवा दिन- नवमी तिथि- मां सिद्धिदात्री की उपासना

क्यों बोया जाता है नवरात्रि में जौ?
नवरात्रि में पूजा स्थल के पास जौ बोने की परंपरा होती है। इसके पीछे का कारण यह कि जौ को ब्रह्रा स्वरुप और पृथ्वी की पहली फसल जौ को माना गया है।
कन्या पूजन क्यों?
नवरात्रि पर 10 साल से छोटी कन्याओं का पूजन किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि छोटी कन्याओं में मां का स्वरूप बसता है और यह ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक मानी जाती हैं। इसलिए नवरात्रि पर कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है।
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नवरात्रि पर माता का आगमन और वाहन
हर नवरात्रि पर माता का आगमन अलग-अलग दिन के हिसाब से अलग-अलग सवारी पर होती है। 

नवरात्रि का पहला दिन- रविवार या सोमवार- मां दुर्गा का हाथी की सवारी पर आगमन - शुभ
नवरात्रि का पहला दिन-  शनिवार और मंगलवार- मां दुर्गा का घोड़े की सवारी पर आगमन - अशुभ
नवरात्रि का पहला दिन-  गुरुवार और शुक्रवार- मां दुर्गा का पालकी की सवारी पर आगमन - अशुभ
नवरात्रि का पहला दिन- बुधवार- मां दुर्गा की नाव की सवारी पर आगमन - शुभ

नवरात्रि के 9 दिन और मंत्र
पहला दिन- ह्रीं शिवायै नम:।
दूसरा दिन- ह्रीं श्री अम्बिकायै नम:।
तीसरा दिन- ऐं श्रीं शक्तयै नम:।
चौथा दिन- ऐं ह्री देव्यै नम:।
पांचवां दिन- ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम:।
छठा दिन- क्लीं श्री त्रिनेत्राय नम:।
सातवां दिन- क्लीं ऐं श्री कालिकायै नम:।
आठवां दिन- श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:।
नौवां दिन- ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम:।

नवरात्रि के 9 दिन और रंग
पहला दिन- पीला रंग
दूसरा दिन- हरा रंग
तीसरा दिन- भूरा रंग
चौथा दिन- नारंगी रंग
पांचवां दिन- सफेद रंग
छठा दिन- लाल रंग
सातवां दिन- नीला रंग
आठवां दिन- गुलाबी रंग
नौवां दिन- बैंगनी रंग

नवरात्रि के 9 दिन और मां दुर्गा को भोग
पहला दिन- गाय की  घी
दूसरा दिन- चीनी, मिश्री
तीसरा दिन- दूध और मिठाई
चौथा दिन- मालपुआ
पांचवां दिन- केला
छठा दिन- शहद
सातवां दिन- गुड़
आठवां दिन- नारियल 
नौवां दिन- तिल

चैत्र नवरात्रि और घट स्थापना शुभ मुहूर्त 2020
25 मार्च, बुधवार
सुबह 6 बजकर 19 मिनट से 7 बजकर 17 मिनट तक
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