नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है जो 18 अक्टूबर तक चलेगा। नवरात्रि के पूरे 9 दिनों तक दुर्गा सप्तशी के पाठ का विशेष महत्व होता है। दुर्गा सप्तशती का पाठ करने पर विशेष फल धन और यश की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में दुर्गा सप्तशी के पाठ करने पर कुछ विशेष सावधानियां बरतने के बारे में बताया गया है।
- जब भी दुर्गा सप्तशी का पाठ करें विशेष रूप से नवरात्रि में, पाठ करते समय शब्दों का उच्चारण एकदम साफ और स्पष्ट होना चाहिए। साथ ही पाठ को करते वक्त न ही धीमें से और ना ही बहुत तेज आवाज में करना चाहिए।
- पाठ करते समय शुद्धता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। गलती से अगर आपके हाथ पैरों को छू जाय तो हाथों को पानी से दोबारा शुद्ध कर लेना चाहिए।
- दुर्गा सप्तशी का पाठ करते वक्त हमेशा कुश के आसन पर ही बैठना चाहिए। आसन बिछाते से पहले उस स्थान पर गंगा जल से छिड़काव कर लेना चाहिए।
- दुर्गा सप्तशी का पाठ करते समय हमेशा साधारण और साफ-सुथरे कपड़े ही पहनना चाहिए।
- दुर्गा सप्तशी का पाठ हमेशा प्रसन्न मन से करना शुभ रहता है। कभी भी पाठ करते वक्त आलस नहीं करना चाहिए।
- दुर्गा सप्तशी के पाठ में तीन खंड होते हैं। एक बार में तीनों खंड का पाठ करना उत्तम माना जाता है।
- दुर्गा सप्तशी पाठ के अंत में माता क्षमा प्रार्थना जरुर मांगनी चाहिए।