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Nag panchami 2022: आज इस विशेष योग में मनाई जाएगी नागपंचमी, शुभ मुहूर्त में पूजा करने से दूर होंगे कष्ट

Tue, 02 Aug 2022 09:38 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
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इस विशेष योग में मनाई जाएगी नागपंचमी - फोटो : Rohit Jha
Nag panchami 2022: नाग पंचमी का त्योहार आज 02 अगस्त, मंगलवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर नाग पंचमी का पर्व आता है। इसमें नाग देवता की विशेष रूप से पूजा-आराधना की जाती है। नाग देवता भगवान शिव के गले की शोभा को बढ़ाते हैं। हिंदू धर्म में नाग पंचमी का विशेष महत्व होता है। पौराणिक काल से ही सांपों को देवताओं की तरह पूजा जाता है। ऐसी मान्यता है कि नाग की पूजा करने से सांपों के डसने का भय समाप्त हो जाता है। भगवान भोलेनाथ के गले में भी नाग देवता लिपटे रहते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, नाग पंचमी के दिन नाग देवता की आराधना करने से भक्तों को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है और कई अन्य प्रकार के भी शुभ फल प्राप्त होते हैं। ऐसी मान्यता है इस दिन नाग देवता की पूजा करने से घर में सुख और समृद्धि का वास होता है। इस बार नागपंचमी का पर्व विशेष योग में मनाया जाएगा। इन योगों में नागपंचमी का पर्व मनाने से सभी प्रकार के संकट दूर होते हैं। आइए जानते हैं नाग पंचमी के शुभ योग और पूजा विधि के बारे में। 

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इस विशेष योग में मनाई जाएगी नागपंचमी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
नागपंचमी तिथि 
पंचमी तिथि प्रारंभ:   2 अगस्त 2022, मंगलवार, प्रातः 05:13 से 
पंचमी तिथि समाप्त: 3 अगस्त 2022, बुधवार, प्रातः 05:41 पर 
नाग पंचमी पूजा मुहूर्त: 2 अगस्त 2022, मंगलवार, प्रातः 06:05 से प्रातः 08:41 तक

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इस विशेष योग में मनाई जाएगी नागपंचमी - फोटो : अमर उजाला
नाग पंचमी के दिन बन रहा है विशेष संयोग
नाग पंचमी मंगलवार, 2 अगस्त को है और सावन महीने के प्रत्येक मंगलवार को मंगला गौरी व्रत मनाया जाता है। सुहागिन महिलाएं अपने पति के लिए यह व्रत रखती हैं। इस साल नाग पंचमी के दिन नाग देवता के साथ-साथ भगवान शिव और माता पार्वती की भी पूजा की जाएगी। इस दिन नियमानुसार नाग देवता और शिव-पार्वती की पूजा करने से कई गुना अधिक फल मिलता है।

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इस विशेष योग में मनाई जाएगी नागपंचमी - फोटो : अमर उजाला
नाग पंचमी पूजन विधि 
  • नाग पंचमी में 12 नागों की पूजा की जाती है। यह इस व्रत के देव माने गए हैं। 
  • पूजा करने के लिए नाग चित्र या मिटटी की सर्प मूर्ति को लकड़ी की चौकी के ऊपर स्थान दें और फिर पूजा करें। 
  • नाग देवता को हल्दी, रोली (लाल सिंदूर), चावल और फूल अर्पित करें। 
  • अब कच्चा दूध, घी, चीनी मिलाकर नाग देवता को अर्पित करें। 
  • पूजा के बाद आरती करें। 
  • पूजा के अंत में नाग पंचमी की कथा सुनें। 
  • यदि आप नागपंचमी का व्रत रख रहे हैं तो चतुर्थी के दिन एक बार भोजन करें और पंचमी के दिन उपवास करके शाम को भोजन करें। 
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इस विशेष योग में मनाई जाएगी नागपंचमी
नाग पंचमी पर होती है इन नागों की पूजा 
नाग पंचमी के दिन इन बारह नागों की पूजा की जाती है-
  1. अनन्त
  2. वासुकि
  3. शेष
  4. पद्म
  5. कम्बल
  6. कर्कोटक
  7. अश्वतर
  8. धृतराष्ट्र
  9. शङ्खपाल
  10. कालिया
  11. तक्षक
  12. पिङ्गल
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इस विशेष योग में मनाई जाएगी नागपंचमी
नाग पंचमी पूजा मंत्र
सर्वे नागाः प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले।
ये च हेलिमरीचिस्था येऽन्तरे दिवि संस्थिताः॥
ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिनः।
ये च वापीतडगेषु तेषु सर्वेषु वै नमः॥
अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्।
शङ्ख पालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा॥
एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्।
सायङ्काले पठेन्नित्यं प्रातःकाले विशेषतः।
तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्॥
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