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Masik Krishna Janmashtami: वैशाख माह में मासिक कृष्ण जन्माष्टमी कब ? पूजा मुहूर्त से लेकर मंत्र तक जानें सबकुछ

Thu, 25 Apr 2024 01:11 PM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Masik Krishna Janmashtami 2024: हिन्दू धर्म में हर त्योहार का अपना विशेष महत्व है। हर व्रत-त्योहार की अपनी एक अलग पूजा विधि होती है। वहीं कृष्ण जी की पूजा का अपना अलग महत्व है।
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Masik Krishna Janmashtami 2024 - फोटो : अमर उजाला
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Masik Krishna Janmashtami 2024: हिन्दू धर्म में हर त्योहार का अपना विशेष महत्व है। हर व्रत-त्योहार की अपनी एक अलग पूजा विधि होती है। वहीं कृष्ण जी की पूजा का अपना अलग महत्व है। उनकी पूजा के दौरान हमेशा माखन का भोग लगाया जाता है। हम सभी जानते हैं कि कृष्ण भगवान को माखन कितना प्रिय है। इसका भोग लगाने से भगवान कृष्ण को प्रसन्न किया जा सकता है। यूं तो हर दिन उनकी पूजा करना शुभ होता है। हालांकि, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी पर पूजा अर्चना करने से कृष्ण जी की कृपा बनी रहती है। इस दिन का उपवास करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती। हर महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन लड्डू गोपाल की पूजा करने से कार्य में सफलता की संभावना बढ़ जाती है। इस बार मासिक कृष्ण जन्माष्टमी 1 मई को मनाई जाएगी। ऐसे में आइए इस दिन के शुभ मुहूर्त से लेकर पूजा विधि के बारे में जान लेते हैं।

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मासिक कृष्ण जन्माष्टमी 2024 शुभ मुहूर्त  
कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 1 मई की सुबह 5 बजकर 45 मिनट से शुरू होगी। इस तिथि का समापन 2 मई की सुबह 4 बजकर 1 मिनट पर होगा। ऐसे में 1 मई के दिन मासिक कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। आप विधिनुसार पूजा-अर्चना कर के प्रभु को प्रसन्न कर सकते हैं।

जन्माष्टमी व्रत और पूजन विधि
 
  • जन्माष्टमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान करें।
  • घर में चौकी लगाकर कृष्ण जी के साथ राधा रानी की मूर्ति को विराजमान करें।
  • सभी पूजा सामग्री का पास रखें और दीप को जलाएं।
  • इसके बाद भगवान की आरती करना शुरू करें।
  • फिर सभी देवताओं को नमस्कार करते हुए व्रत का संकल्प लें।  
  • इस दौरान कृष्ण जन्म कथा का पाठ जरूर करें, यह बहुत शुभ माना जाता है।  
  • पूजा के बाद भगवान जी को मिश्री माखन का भोग लगाएं।
  • इस दौरान भगवान से प्रार्थना करते हुए कुछ मंत्रों का भी जाप करें।
  • बाद में प्रसाद का वितरण करें।

श्रीकृष्ण के शक्तिशाली मंत्र

कृं कृष्णाय नमः

ॐ देविकानन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात

ओम क्लीम कृष्णाय नमः

गोकुल नाथाय नमः

 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये खबर लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस खबर में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है
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