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Mauni Amavasya 2025: 29 जनवरी को मौनी अमावस्या, इस दिन जरूर करना चाहिए धार्मिक उपाय

Wed, 22 Jan 2025 05:44 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Mauni Amavasya 2025:  मौनी अमावस्या पर संगम में स्नान और सूर्यदेव को जल अर्पित करने से अश्वमेघ यज्ञ के बराबर फल प्राप्त होता है।
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मौनी अमावस्या पर संगम स्नान का महत्व - फोटो : X @ANI
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विस्तार
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Mauni Amavasya 2025: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है। अमावस्या तिथि पर गंगा स्नान, दान, पूजा-पाठ और तप का विशेष महत्व होता है। माघ के महीने में पड़ने वाली अमावस्या का विशेष महत्व होता है, जिसे  माघ अमावस्या या मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष माघ माह के कृष्ण पक्ष की मौनी अमावस्या 29 जनवरी 2025 को पड़ रही है। मौनी अमावस्या पर मौन रहते हुए गंगा, यमुना समेत अन्य पवित्र नदियों में स्नान करना शुभ फलदायी होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अमावस्या तिथि पर मौन रखते हुए स्नान, दान, तप और शुभ आचरण करने से लोगों को मुनिपद की प्राप्ति होती है। इस दिन कई सारे धार्मिक अनुष्ठान भी किए जाते हैं, जिन्हें करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि पूजा-अर्चना के लिए यह दिन बेहद कल्याणकारी माना गया है। आइए जानते हैं मौनी अमावस्या पर कौन-कौन से उपाय किए जाते हैं। 

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मौनी अमावस्या पर स्नान का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मौनी अमावस्या पर संगम समेत सभी पवित्र नदियों के जल में भगवान विष्णु का वास होता है। इस बार तीर्थराज प्रयागराज में 144 वर्ष बाद बहुत ही शुभ योग में महाकुंभ चल रहा है। मौनी अमावस्या पर संगम में स्नान और सूर्यदेव को जल अर्पित करने से अश्वमेघ यज्ञ के बराबर फल प्राप्त होता है। जो लोग किसी कारणवश मौनी अमावस्या पर संगम के पवित्र नदी में न कर पाए तो इस दिन स्नान करते समय नहाने की बाल्टी में गंगाजल जरूर डालें।  
मौनी अमावस्या पर मौन व्रत का महत्व 
मौनी अमावस्या पर मौन रखते हुए स्नान और साधना का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन मौन धारण करते हुए भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करना शुभ होता है। ऐसी मान्यता है कि मौन धारण से मोक्ष की प्राप्ति होती है। 
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मौनी अमावस्या पर पितरों को तर्पण
अमावस्या तिथि पितरों को तर्पण और इनका आशीर्वाद पाने के लिए सबसे उत्तम तिथि मानी जाती है। मौनी अमावस्या पर पितरों को प्रसन्न करने के लिए और पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए काले तिल से तर्पण करना चाहिए। इस दिन ब्राह्राणों को भोजन करना चाहिए। इसके अलावा मौनी अमावस्या पर गाय, कुत्ते, चींटी और कौए को भी कुछ न कुछ खिलाना चाहिए। इससे पितृगण प्रसन्न होते हैं। 

मौनी अमावस्या पर दान का महत्व
हिंदू धर्म में दान का विशेष महत्व होता है। व्रत, त्योहार और पूर्णिमा-अमावस्या तिथि पर दान करने का महत्व और भी बढ़ जाता है। मौनी अमावस्या तिथि पर अगर आपके घर कोई कुछ मांगने आए तो उसे दान-दक्षिणा अवश्य देना चाहिए। 
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इसके अलावा अमावस्या तिथि पर भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप और पीपल के पेड़ की पूजा जरूर करनी चाहिए। 

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