मार्गशीर्ष महीना भगवान श्रीकृष्ण का खास महीना है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी महीने से सतयुग की भी शुरुआत हुई थी। इस महीने आपको पूजा-पाठ, दान और व्रत से विशेष फल की प्राप्ति होगी। यह महीना धार्मिक गतिविधियों के लिए भी सर्वोत्तम है और इसमें काल भैरव जयंती, विवाह पंचमी, भानु सप्तमी और धनु संक्रांति जैसे व्रत भी रखे जाते हैं और अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण हैं। आइए जानते हैं इस महीने कौन कौन से व्रत और त्योहार माने जाएंगे।
व्रत त्योहार की लिस्ट
16 नवंबर- वृश्चिक संक्रांति
18 नवंबर- गणाधिप संकष्टी चतुर्थी
22 नवंबर- कालभैरव जयंती
23 नवंबर- कालाष्टमी
26 नवंबर- उत्पन्ना एकादशी
28 नवंबर -प्रदोष व्रत
29 नवंबर -मासिक शिवरात्रि
30 नवंबर -दर्श अमावस्या
06 दिसंबर -विवाह पंचमी
07 दिसंबर -चंपा षष्ठी
08 दिसंबर -भानु सप्तमी
11 दिसंबर -गीता जयंती और मोक्षदा एकादशी
12 दिसंबर -मत्स्य द्वादशी
13 दिसंबर- प्रदोष व्रत
14 दिसंबर -दत्तात्रेय जयंती
15 दिसंबर -धनु संक्रांति और मार्गशीर्ष पूर्णिमा
18 नवंबर- गणाधिप संकष्टी चतुर्थी
कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि को गणाधिप संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस शुभ असवर पर भगवान गणेश की उपासना की जाती है। साथ ही जीवन के संकटों को दूर करने के लिए व्रत भी किया जाता है।
28 नवंबर -प्रदोष व्रत
प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। यह दिन देवों के देव महादेव को समर्पित है। इस दिन भगवान शिव संग मां पार्वती की पूजा की जाती है। साथ ही मनचाहा वर पाने के लिए व्रत रखा जाता है।
06 दिसंबर -विवाह पंचमी
विवाह पंचमी भगवान राम और देवी सीता के विवाह का उत्सव है, जो हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर साल मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष के पांचवें दिन मनाया जाता है ।
15 दिसंबर -मार्गशीर्ष पूर्णिमा
मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन स्नान, दान और तप का विशेष महत्व होता है. इस दिन हरिद्वार,बनारस,मथुरा और प्रयागराज आदि जगहों पर दूर-दूर से लोग पवित्र नदियों में स्नान और तप करने के लिए आते हैं. इस बार मार्गशीर्ष पूर्णिमा 15 दिसंबर के दिन है।
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