Holi 2024: इस साल कब है होली? जानिए होलिका दहन का मुहूर्त और पूजा विधि
6 मार्च- विजया एकादशी
6 मार्च को विजया एकादशी है। इस दिन व्रत रखा जाता है और भगवान विष्णु की पूजा की जाता है। माना जाता है कि इस दिन जो भी व्यक्ति विष्णु जी की पूजा करता है, उसकी सभी परेशानियां दूर होती हैं और हर कार्य में सफलता मिलती है।
8 मार्च- महाशिवरात्रि
इस वर्ष मार्च में 8 तारिख को महाशिवरात्रि है। हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का बहुत ही ज्यादा महत्व होता है। इस दिन शिव जी और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इस दिन शिव भक्त मंदिर में जाकर शिवजी की पूजा और अभिषेक करते हैं।
10 मार्च- फाल्गुन अमावस्या
फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को फाल्गुन की अमावस्या कहा जाता है। इस वर्ष 10 मार्च को फाल्गुन अमावस्या है। इस अमावस्या पर किसी पवित्र नदी में स्नान के बाद सूर्य देव को जल देना चाहिए।
17 मार्च- होलाष्टक शुरू
होलाष्टक फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से शुरू होता है और फाल्गुन पूर्णिमा पर इसका समापन होता है। इस वर्ष 17 मार्च 2024 से होलाष्टक शुरू होकर 24 मार्च को समाप्त होगा।
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20 मार्च- आमलकी एकादशी
आमलकी एकादशी 20 मार्च को है। इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है। इस दिन आप आंवला ग्रहण कर सकते हैं और आंवले का दान भी कर सकते हैं। इससे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
24 मार्च- होलिका दहन
होली और होलिका दहन हिन्दू धर्म का प्रमुख त्योहार होता है। होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि होलिका दहन की अग्नि में आहुति देने से जीवन की नकारात्मकता समाप्त होती है।
30 मार्च- रंगपंचमी
इस वर्ष 30 मार्च को रंगपंचमी है। ये पर्व होली के पांच दिन बाद मनाया जाता है। इस दिन बृज में 40 दिनों से चला आ रहा होली का उत्सव समाप्त होता है।
रमजान का महीना
मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए रमजान का महीना पाक माना जाता है। रमजान चंद्रमा पर निर्भर है। अगर चांद 10 मार्च को निकलता है तो 11 मार्च को रमजान माह की शुरुआत हो जाएगी। हालांकि उम्मीद यह लगाई जा रही है कि 11 मार्च से ही रमजान महीने का प्रारंभ होगा। ऐसे में यदि रमजान 11 मार्च से शुरू होगा तो 9 अप्रैल इसका अंतिम दिन होगा।