सूर्य ग्रह के मकर राशि में प्रवेश करने के कारण मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 14 जनवरी को पड़ रहा है। मकर संक्रान्ति के दिन गंगा स्नान और दान पुण्य का विशेष महत्व है। मान्यता है कि मकर संक्रान्ति के दिन देव भी धरती पर अवतरित होते हैं, और आत्मा को मोक्ष प्राप्त होता है। इस दिन पुण्य, दान, जप तथा धार्मिक अनुष्ठानों का अनन्य महत्व है। इस दिन गंगा स्नान व सूर्योपासना पश्चात गुड़, चावल और तिल का दान श्रेष्ठ माना गया है। मकर संक्रान्ति के दिन खाई जाने वाली वस्तुओं में जी भरकर तिलों का प्रयोग किया जाता है। मकर संक्रांति के दिन कुछ कार्यों का विशेष महत्व है जिसमें दान के साथ-साथ पूजा-पाठ सहित तमाम चीजें शामिल हैं। मान्यता के अनुसार इस त्योहार के दिन दान देने से कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है। लेकिन कुछ ऐसे कार्य भी हैं जो भूलकर भी मकर संक्रांति के दिन नहीं करने चाहिए। आइए जानते हैं क्या है वो कार्य ।