11 मार्च 2021 महाशिवरात्रि अपने आप में अद्धभुत योग लिए हुए है। धनिष्ठा नक्षत्र में महाशिवरात्रि का होना भी संयोग है क्योंकि धनिष्ठा मंगल का नक्षत्र है, साथ ही साथ शिव योग में है जो अत्यंत योग कारक है। ऐसी स्थिति में महादेव की पूजा स्तुति और जाप अत्यधिक लाभ देता है। साथ ही साथ एक विशेष योग यह है कि महाशिवरात्रि दो राशियों और दो नक्षत्रों में होगा। श्रवण नक्षत्र में महाशिवरात्रि का आरम्भ है जिसमें चन्द्रमा मकर राशि में होंगे और धनिष्ठा नक्षत्र में पर्व का समापन होगा व चन्द्रमा कुंभ राशि में होंगे अर्थात दो नक्षत्रों का पुण्य प्राप्त होगा जो अत्यंत दुर्लभ है। महाशिवरात्रि ऐसा महापर्व है जिसमें प्रत्येक जनमानस महादेव की अनुकम्पा और उनकी कृपा चाहता है। ऐसे शुभ अवसर पर मंत्रों का विशेष महत्व रहता है।
शिक्षा प्राप्ति के लिए : शिक्षा प्राप्ति हेतु पढाई लिखे प्रतियोगिता में सफलता के लिय छात्रों को या उनके अभिभावक को भगवान शिव का मन्त्र
"ॐ रुद्राय नमः " का 108 बार रुद्राक्ष के माला पर जाप करना चाहिए। 108 बेलपत्र भगवान शिव पर जरूर चढ़ाएं और प्रत्येक बेलपत्र पर चन्दन से "राम " लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं।
शादी विवाह हेतु : अगर विवाह नहीं हुआ है या होने में अड़चनें आ रही हैं या फिर शादी के बाद घर गृहस्थी तनावपूर्ण वातावरण में है तो ऐसे लोग भगवान शिव को कुमकुम हल्दी अबीर गुलाल चढ़ाएं और
" ॐ गौरी शंकराए नमः " का जाप 108 बार रुद्राक्ष की माला पर करें उन्हें लाभ होगा।
अच्छे स्वास्थ्य के लिए : जो लोग लगातार बीमार रहते हैं या कोई भी दवाई काम नहीं कर रही है तो ऐसी स्थिति में आपके घर में या देवालय में भगवान शिव का अभिषेक गिलोय से कीजिए और
" ॐ सोमेश्वराय नमः " का जाप करें। इससे बीमारी में बहुत लाभ होता है ।
नौकरी के लिए : योग्य होने के बाद भी अगर आपकी नौकरी कहीं नहीं लग रही है या नौकरी में कोई अड़चन है और नौकरी चल नहीं पा रही हो ऐसी स्थिति में आप भगवान शिव का अभिषेक गंगा जल में काला तिल डाल का अभिषेक करें और घी शहद शक्कर चढ़ाएं। इसके बाद
" ॐ नीलकण्ठाय नमः " का जाप करें निश्चित तौर पर सफलता प्राप्त होगी।
व्यापार में सफलता हेतु : व्यापार में लगातार संघर्ष, असफलता और हानि हो रही है तो ऐसी स्थिति में भगवान शिव का अभिषेक दूध में केसर डालकर करें। बेलपत्र चढ़ाए और
" ॐ सर्वेशेवराय नमः " का जाप रुद्राक्ष की माला पर करें लाभ होगा।
कला, मीडिया, ज्योतिष या चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोग : शीर्ष पर पहुंचने के लिए ऐसे लोगों को ईश्वर की विशेष कृपा चाहिए होती है। ये लोग भगवान शिव का अभिषेक शहद से और बेलपत्र जरूर समर्पित करें।
" ॐ नटेश्वराय नमः " का जाप यथा शक्ति करें। इससे महादेव की कृपा प्राप्त होगी। साथ ही अपने गुरु मन्त्र का जाप अवश्य करना चाहिए , अगर गुरु मन्त्र नहीं है तो आप अपने पुरोहित या जिसको गुरु मानते है उनका आशीर्वाद अवश्य लें। अपने पितरों का भी आशीर्वाद लें शिव की प्रसन्नता प्राप्त होती है।