हिन्दू धर्म में माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार यह पूर्णिमा चंद्रमास का आखिरी दिन होता है। इस बार माघ पूर्णिमा पर कई विशेष संयोग बन रहा है। साल 2018 में ऐसा पहली बार है जब माघ पूर्णिमा, खग्रास चंद्र ग्रहण, सुपर मून और ब्लू मून पड़ रहा है।
माघ मास की पूर्णिमा के दिन ऐसी मान्यता है कि सभी देवता माघ मास में प्रयाग के संगम में स्नान करने के लिए स्वर्ग से पृथ्वी पर आते है। इस दिन देवताओं का संगम में स्नान का अंतिम दिन होता है। वहीं दूसरी मान्यता है कि इस दिन ही कुंती ने दानवीर कर्ण का जन्म देकर उन्हें नदी में डाल दिया था।
माघ पूर्णिमा को स्नान करने के साथ ही इस दिन व्रत उपवास रखने और दान पुण्य करने का महत्व भी है। मान्यता है कि माघी पूर्णिमा का व्रत रखने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है साथ ही विद्या प्राप्ति के लिये भी माघी पूर्णिमा स्नान शुभ फलदायी माना जाता है। माघ पूर्णिमा की पूजा में भगवान विष्णु की पूजा जाती है।
इसी दिन वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। ग्रहण का आरंभ 17:57 से हो रहा है जो कि 20:41:10 बजे तक रहेगा। हालांकि ग्रहण का सूतक प्रात:काल 7 बजकर 7 मिनट से ही आरंभ हो जायेगा और चंद्र ग्रहण के समाप्त होने तक लगा रहेगा। माघी पूर्णिमा पर इस वर्ष का खग्रास चंद्रग्रहण पुष्य नक्षत्र और कर्क राशि में होगा।
31 जनवरी को माघी पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण होने के कारण यह एक दुर्लभ संयोग का निर्माण कर रहा है। माघ पूर्णिमा तिथि का आरंभ 30 जनवरी को रात 11 बजकर 24 मिनट से शुरू होकर 31 जनवरी को शाम 6 बजकर 56 मिनट पर समाप्त होगा।