ऐसे मनाया जाता है माघ बिहू
इस दिन किसान परिवारों के द्वारा ब्राई शिबराई की पूजा की जाती है। असम के किसान अपनी शांति और समृद्धि की कामना करते हुए मौसम की पहली फसल ब्राई शिबराई को अर्पित करते हैं। माघ बिहू सांस्कृतिक त्योहार है। इसमें गांव के लड़के और लड़कियां पारंपरिक धोती, गमोसा और अन्य रंगीन कपड़े पहन कर टोली बना कर नृत्य करते हैं। इस त्योहार के खास अवसर पर लोग अपने प्रियजनों को शुभकामनाएं भी देते हैं।
माघ बिहू के खास पकवान
माघ बिहू कई प्रकार के पकवान तैयार किए जाते हैं। इसमें खार, आलू पितिका, जाक, मसोर टेंगा. पपीते के साथ-साथ जले केले के तने का इस्तेमाल करके खार बनाया जाता है। वहीं आलू पितिका में उबले आलू को मसलकर, उसमें प्याज, हरी मिर्च, हरी धनिया, नमक, सरसों तेल डाला जाता है और इसे चावल, दाल, नींबू के साथ खाया जाता है। जाक में हरी पत्तेदार सब्जियां होती हैं जबकि मसोर टेंगा में मछली के पकवान होते हैं।
एक साल में आता तीन बार आता है बिहू
माघ बिहू के अलावा असम में बोहाग बिहू और कोंगाली बिहू भी धूमधाम के साथ मनाए जाते हैं। बोहाग (बैसाख, अप्रैल के मध्य में आता है। वहीं कोंगाली बिहू कार्तिक माह में लगभग अक्टूबर के मध्य में मनाया जाता है।