ललिता पंचमी व्रत और पूजा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Lalita Panchami Vrat 2022 Date, Puja Muhurat and Vidhi: शारदीय नवरात्रि के पांचवे दिन यानी अश्विन मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ललिता पंचमी का व्रत किया जाता है। इस दिन स्कंदमाता के साथ ही मां ललिता का पूजन भी किया जाता है। ये पर्व गुजरात और महाराष्ट्र में विशेष रूप से मनाया जाता है। मां ललिता माता सती का ही एक रूप हैं, जिन्हें त्रिपुर सुंदरी या फिर षोडशी के रूप में भी जाना जाता है। इस दिन व्रत व मां ललिता का पूजन करना अत्यंत शुभ व मंगलकारी माना जाता है। मां ललिता देवी की दस महाविद्याओं में से एक हैं। ललिता पंचमी का ये पर्व आज यानी 30 सितंबर को मनाया जा रहा है। ऐसे में चलिए जानते हैं ललिता पंचमी पूजन का महत्व, शुभ मुहूर्त व व्रत पूजा विधि...
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ललिता पंचमी 2022 शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, 30 सितंबर को रात में 12 बजकर 08 मिनट से आश्विन शुक्ल पंचमी तिथि की शुरुआत हुई है। वहीं ये तिथि 30 सितंबर को ही रात में 10 बजकर 34 मिनट पर समाप्त होगी। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त में 11 बजकर 53 मिनट से दोपहर 12 बजकर 41 मिनट तक है।
ललिता पंचमी पूजन सामग्री
ललिता पंचमी की पूजा के लिए- कुमकुम, अक्षत, हल्दी, चंदन, अबीर, गुलाल, दीपक, घी, इत्र, पुष्प, दूध, जल, फल, मेवा, मौली, आसन, तांबे का लोटा, नारियल, इत्यादि चीजों को एकत्रित करके रख लें।
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ललिता पंचमी पूजा विधि
शारदीय नवरात्रि के पांचवे दिन प्रातः उठकर स्नानादि करने के पश्चात माता रानी का पूजन आरंभ करें। इस दिन मां ललिता के साथ स्कंदमाता व भगवान शिव की पूजा भी की जाती है। माता के समक्ष धूप-दीप प्रज्वलित करें। फिर मां ललिता व सभी देवों का तिलक करें और विधिवत सभी चीजों को अर्पित करते हुए पूजन करें। इसके बाद मां को मिष्ठान आदि का भोग अर्पित करें और आरती करें।