जगन्नाथ रथ यात्रा 2019
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भगवान जगन्नाथ की यह पावनन रथ यात्रा नौ दिनों तक धूम-धाम से चलती है। विश्व प्रसिद्ध इस रथ यात्रा में कई ऐसी अनोखी बाते होती हैं, जो इसके आकर्षण का केंद्र होती है। यह विश्व में शायद अकेले देवता हैं, जो हर साल रथ यात्रा के माध्यम से घूमने निकलते हैं और उनके साथ लाखों-लाख भक्त साथ-साथ चलते हैं। इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के रथों की अपनी अलग-अलग विशेषताएं होती हैं। अलग-अलग रंग और ऊंचाई वाले रथों से आप जान सकते हैं कि कौन सा रथ किसका है। जैसे बलरामजी का रथ लाल और हरे रंग का, सुभद्रा जी का रथ का काले और नीले रंग का और भगवान जगन्नाथ जी का रथ लाल और पीले रंग का होता है। यह रथ यात्रा सोने के हत्थे वाले वाली झाड़ू के लगाने के बाद प्रारंभ होती है। अहम बात यह कि इस पावन रथ यात्रा के दौरान बारिश अवश्य होती है। यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ एक बार अपना प्रिय पोड़ा पीठा खाने के लिए जरूर रुकते हैं।