12 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा है। यह कार्तिक महीने का अंतिम दिन और गुरुनानक जी की 550वीं जयंती भी है। शास्त्रों में कार्तिक महीने का विशेष महत्व होता है। यह महीना भगवान के ध्यान, स्नान और दान का महीना माना गया है। कार्तिक महीने के समाप्ति के दिन कुछ ग्रहों का योग भी बन रहा है। कार्तिक पूर्णिमा पर सूर्य, मंगल और बुध तुला राशि में विचरण करेंगे। रहेंगे। एक राशि में इन तीन ग्रहों का योग होने से पूर्णिमा शुभफलदायी रहने वाली होगी।
कार्तिक पूर्णिमा पर योग
कार्तिक पूर्णिमा पर सर्वार्थ सिद्धि योग बनेगा। ज्योतिष के अनुसार इस योग में किए गए शुभ कार्य जल्दी सफल हो सकते हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग बहुत शुभ माना गया है।
स्नान का महत्व
कार्तिक पूर्णिमा के दिन सर्योदय होने से पहले स्नान करके भगवान विष्णु की पूजा करें। इस दिन व्रत रखे से विशेष फल मिलता है। साथ ही ब्राह्मणों को दान भी देना चाहिए। सूर्यदेव को तांबे के लोटे से जल चढ़ाते समय ऊँ सूर्याय नम: मंत्र का जाप करने का महत्व है।
दीपक जलाएं
पूर्णिमा पर सूर्यास्त के बाद घर के मुख्य हिस्सों में दीपक जलाएं साथ ही तुलसी के पास दीपक जलाना ना भूलें।
हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ
कार्तिक पूर्णिमा पर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करने से मन को शांति मिलती है।