करवा चौथ प्यार और उत्साह का त्योहार है और हर महिला के लिए बहुत पूजनीय होता है। करवा चौथ के व्रत में शिव, पार्वती, कार्तिकेय, गणेश के साथ चंद्रमा की भी पूजा करने का विधान है। करवा चौथ के व्रत का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन सुहागिन स्त्रियां अपने पति के लिए व्रत रखती है और दिन भर भूखी-प्यासी रहकर अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती है। यही नहीं कुंवारी लड़कियां भी मनवांछित वर के लिए इस दिन व्रत रखती है। यह निर्जला व्रत होता है और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पति को छलनी में दीपक रख कर देखा जाता है। इसके बाद पति जल पिलाकर पत्नी के व्रत को तोड़ता है।