कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को मनाया जाने वाला यह पर्व इस बार 13 अक्तूबर को है। जबकि, वैवाहिक कार्यों के लिए शुभ माना जाने वाला शुक्र ग्रह 29 सितंबर से 22 नवंबर 2022 तक अस्त है यानी तारा डूबा हुआ है।
Karwa Chauth Date 2022: करवा चौथ इस बार शुक्र की अस्त अवधि के दौरान आ रहा है। कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को मनाया जाने वाला यह पर्व इस बार 13 अक्तूबर को है। जबकि, वैवाहिक कार्यों के लिए शुभ माना जाने वाला शुक्र ग्रह 29 सितंबर से 22 नवंबर 2022 तक अस्त है यानी तारा डूबा हुआ है। इसी कारण इन दिनों में विवाह के मुहूर्त नहीं हैं। लेकिन करवा चौथ का व्रत रखने,उपहार देने या उद्यापन करने जैसी परंपराएं निभाने में कोई अशुभता नहीं है। शुक्र अस्त होने पर केवल विवाह के पाणिग्रहण संस्कार को वर्जित कहा गया है। विवाह के बाद के समस्त कार्यों को इस अवधि में वर्जित करना तर्कसंगत नहीं है। जिन नवविवाहिताओं का शादी के बाद यह पहला करवा चौथ है,वह भी बिना किसी शंका के व्रत रख सकती हैं।
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करवा चौथ व्रत-साधना का महापर्व है भौतिकता ने इसके स्वरूप को बिगाड़ दिया है,इसलिए शुक्र अस्त का दोष करवाचौथ पर नहीं होना चाहिए। शुक्रास्त और गुरु अस्त का पर्व मे कोई दोष नहीं है। त्योहार में तारा अस्त होने पर कोई दोष नहीं होता। तारा अस्त का दोष पाणिग्रहण संस्कार और मुहूर्त में ग्राहय है,अतः माता बहनें निःसंकोच होकर करवा चौथ का व्रत करें।
करवा चौथ का महत्व
इस बार पति-पत्नी के प्यार,विश्वास और समर्पण का त्योहार करवा चौथ 13 अक्तूबर को है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष करवा चौथा का पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं दिनभर व्रत रखते हुए और सोलह श्रृंगार करके अपने पति के प्रति समर्पित होकर उनके लिए उत्तम स्वास्थ्य,दीर्घायु और जन्म-जन्मांतर तक हर बार पति रूप में प्राप्त करने के लिए मंगल कामना करती हैं। करवाचौथ का अर्थ है,'करवा' यानि कि मिट्टी का बर्तन व 'चौथ' यानि प्रथम पूज्य गणेशजी की प्रिय तिथि चतुर्थी।इस दिन मिटटी के करवा में जल भरकर पूजा में रखना बेहद शुभ माना गया है और इसी से रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है।
करवा चौथ चतुर्थी तिथि
चतुर्थी तिथि आरंभ-13 अक्तूबर 2022 को सुबह 01 बजकर 59 मिनट पर
चतुर्थी तिथि का समापन- 14 अक्तूबर 2022 को सुबह 03 बजकर 08 मिनट पर
करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त
13 अक्तूबर को शाम 06 बजकर 01 मिनट ले लेकर शाम 07 बजकर 15 मिनट तक
अमृतकाल मुहूर्त- शाम 04 बजकर 08 मिनट से शाम 05 बजकर 50 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 21 मिनट से दोपहर 12 बजकर 07 मिनट तक
करवा चौथ पर चंद्रोदय
13 अक्तूबर को रात 08 बजकर 19 मिनट पर