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Karva Chauth Vrat 2020: करवा चौथ में इसलिए चंद्रमा को दिया जाता है अर्घ्य

Wed, 04 Nov 2020 07:19 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
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करवा चौथ 2020 - फोटो : अमर उजाला
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04 नवंबर को करवा चौथ है। करवा चौथ का व्रत पति- पत्नी के विश्वास, समर्पण और प्रेम को मजबूत करने वाला माना जाता है। करवा चौथ का व्रत हर वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर मनाया जाता है। इस व्रत में सुहागिन महिलाएं अपने पति के अच्छी सेहत, लंबी आयु और कई जन्मों तक दोबारा पति रूप में प्राप्त करने के लिए करवा माता से मनोकामना मांगती हैं। इस दिन चंद्र देव की आराधना का महत्व है।

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करवा चौथ 2020 - फोटो : सोशल मीडिया
करवा चौथ में इसलिए देते हैं चंद्रमा को अर्घ्य
करवा चौथ व्रत में सुबह से महिलाएं निर्जला व्रत रखकर रात्रि के समय पर चांद के दर्शन करने के बाद और पति के हाथों से पानी पीकर व्रत को पूरा करती हैं। इस व्रत में चंद्र देव की आराधना का विशेष महत्व होता है। शास्त्रों के अनुसार, करवा चौथ के दिन चंद्र देव की आराधना करने से दीर्घ आयु और पति-पत्नी के बीच प्रेम में वृद्धि होती है।  

करवा चौथ व्रत 2020
वैवाहिक जीवन होता है सुखी
चंद्र देव मन के अधिपति हैं। कहते हैं कि महिलाओं का मन सबसे ज्यादा चंचल होता है। चंद्र पूजन से मन की चंचलता खत्म होती है और चंद्रदेव का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। इसके साथ चंद्रमा को आयु, सुख और शांति का कारक माना जाता है और इनकी पूजा से वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है और पति की आयु भी लंबी होती है।
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करवा चौथ 2020 - फोटो : अमर उजाला
सबसे पहले मां पार्वती ने रखा था करवा चौथ का व्रत
पौराणिक मान्यता के अनुसार, सबसे पहले करवा चौथ का व्रत माता पार्वती ने भगवान शिव के लिए रखा था और इस व्रत के रखने से माता पार्वती को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति हुई थी। इसलिए करवा चौथ के व्रत में माता करवा के साथ-साथ शिव-पार्वती की भी पूजा की जाती है।
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