7 अगस्त 2018 को सावन महीने की एकादशी है। इस एकादशी को कामिका एकादशी के नाम से जाना जाता है। शास्त्रों में सावन में पड़ने वाली इस एकादशी को बहुत ही शुभ और महत्वपूर्ण माना गया है। आज के दिन जो व्यक्ति भक्ति भाव से पूजा-पाठ और व्रत रखता है उसे सभी तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती हैं। अगर कोई व्यक्ति सभी एकादशी का व्रत नहीं रख पाता है तो इस कामिका एकादशी का व्रत रखने से उसे सभी 24 एकादशियों का लाभ मिलता है। एकादशी के दिन कई काम ऐसे होते हैं जिसे शास्त्रों में वर्जित माना जाता है।
चावल खाना वर्जित
एकादशी पर भूलकर भी चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार एकादशी में चावल का सेवन करने से मन में चंचलता आती है जिसके कारण मन भटकता है इसलिए चावल का खाना वर्जित है।
नशीली चीजों का सेवन
एकादशी का व्रत रखने पर इस दिन नशीली चीजें जैसे मदिरा पान, धूम्रपान करने से बचना चाहिए।
क्रोध और तनाव न लें
जिस दिन एकादशी का व्रत रखा हो उस दिन मनुष्य को क्रोध और तनाव से बचना चाहिए। क्रोध और तनाव से मन में नकारात्मक विचार आते हैं जिसके कारण पूजा में ठीक तरह से मन नहीं लगता।
दातुन करना वर्जित
एकादशी पर कभी भी दातुन से दांत साफ नहीं करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि एकादशी वाले दिन किसी पेड़ की टहनियों को तोड़ने से भगवान विष्णु नाराज हो जाते हैं।
एकादशी व्रत की रात को बिस्तर पर नहीं सोना चाहिए। व्रत का पुण्य लाभ कमाने के लिए जमीन पर ही सोएं।