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Kalashtami July 2021: 1 जुलाई को कालाष्टमी व्रत, मंत्र और आरती सहित करें कालभैरव की पूजा

Mon, 28 Jun 2021 02:02 PM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भगवान काल भैरव की पूजा से भक्तों को भय से मुक्ति मिलती है। साथ ही कालाष्टमी के दिन व्रत रखकर भगवान भैरव की पूजा से साधक के जीवन के संकट और समस्याएं दूर हो जाती हैं। 
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कालाष्टमी व्रत जुलाई 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव देव की पूजा का विधान है। हर महीने कालाष्टमी व्रत कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। आषाढ़ माह में कालाष्टमी व्रत 1 जुलाई को रखा जाएगा। भगवान काल भैरव की पूजा से भक्तों को भय से मुक्ति मिलती है। साथ ही कालाष्टमी के दिन व्रत रखकर भगवान भैरव की पूजा से साधक के जीवन के संकट और समस्याएं दूर हो जाती हैं। कालाष्टमी के दिन विधि-विधान के साथ पूजन करें और भैरव जी को जलेबी अर्पित करें। पूजा के दौरान भैरव चालीसा का पाठ अवश्य करें। कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव देव की आरती और मंत्र सहित पूजा करनी चाहिए। 

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काल भैरव की आरती
जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा।
जय काली और गौरा देवी कृत सेवा।।जय।।
तुम्हीं पाप उद्धारक दुख सिंधु तारक।
भक्तों के सुख कारक, भीषण वपु धारक।।जय।।
वाहन शवन विराजत कर त्रिशूलधारी।
महिमा अमिट तुम्हारी, जय जय भयकारी।।जय।।
तुम बिन देवा सेवा सफल नहीं होवे।
चौमुख दीपक दर्शन दुख सगरे खोंवे।।जय।।
तेल चटकि दधि मिश्रित भाषावलि तेरी।
कृपा करिए भैरव करिए नहीं देरी।।जय।।
पांव घुंघरू बाजत अरु डमरू डमकावत।
बटुकनाथ बन बालक जन मन हर्षावत।।जय।।
श्री बटुकनाथ जी की आरती जो कोई नर गावें।
कहें धरणीधर नर मनोवांछित फल पावें।।जय।।

काल भैरव की पूजा इन मंत्रों से कीजिए 
अति क्रूर महाकाय कल्पान्त दहनोपम् भैरव नमस्तुभ्यं अनुज्ञा दातुमर्हसि!!

कालाष्टमी मुहूर्त
अष्टमी तिथि प्रारंभ - 01 जुलाई को अपराह्न 02:01 बजे
अष्टमी तिथि का समापन - 02 जुलाई को अपराह्न 03:28 बजे

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