श्री कृष्ण, विष्णु जी के दस अवतारों में से एक है। विष्णु जी समय - समय पर धरती पर अवतरित होकर मानव जीवन शैली को शिक्षा प्रदान करते है। मान्यताओं के अनुसार कृष्णजन्मष्टामी पर विष्णुसहस्रनाम पाठ अवश्य करना चाहिए। इससे जुड़े लाभ व्यक्ति के जीवन की विभिन्न परेशानियों को दूर करने में सक्षम होतें है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार वृंदा नामक एक स्त्री जिसका जन्म राक्षस कुल में हुआ था, विष्णु भगवान की बहुत बड़ी भक्त थी। बचपन से ही वह भगवान विष्णु की आराधना में लीन थी। उसका विवाह राक्षस कुल के राजा जलंधर से हुआ। जलंधर की उत्पत्ति समुंद्र से हुई थी, वृंदा एक पतिव्रता स्त्री थी और अपने पति की बहुत सेवा किया करती थी।
एक बार जब देवताओं एवं दानवों में भीषण युद्ध हुआ तो चारों ओर हाहाकार मच गया। जलंधर युद्ध के लिए निकल ही रहा था की आरती के समय वृंदा ने जलंधर को वचन दिया की जब तक वह युद्ध से लौटकर नहीं आएगा, वह पूजा से नहीं उठेंगी। कई दिनों तक युद्ध चलता रहा और वृंदा की निष्ठा एवं श्रद्धा से किए पूजन के कारण जलंधर पर देवताओं द्वारा किया जाने वाला हर वार बेकार हो गया। सभी देवता परेशान थे परन्तु कोई भी जलंधर को परास्त करने में सक्षम नहीं हो पा रहा था। अंत में सभी देवता भगवान विष्णु के पास पहुंचे एवं उनसे इस समस्य का हल मांगने लगे।
तब भगवान विष्णु ने अपना रूप परिवर्तनकर वृंदा का पूजन भंग करने का निश्चय किया। जैसे ही विष्णु भगवान जलंधर के रूप में वृंदा के समक्ष पहुंचे, वह उनकी आरती उतरने के लिए पूजा से उठ गयी और युद्ध में जलंधर की मृत्यु हो गयी। यह बात सुनते ही वृंदा ने विष्णु भगवान को श्राप दिया एवं अपने प्राण त्याग दिए, जिससे तुलसी के पौधे की उत्पत्ति हुई। माना जाता है की इस श्राप से मुक्ति प्राप्त करने हेतु विष्णु जी ने वृंदा को वरदान दिया की जो कोई भी विष्णु सहस्त्रनाम पाठ व उनकी पूजा तुलसी के पत्तों के साथ करेगा उसकी समस्त मनोकामनाएं शीग्र ही पूर्ण होंगी एवं उसे दीर्घ आयु की प्राप्ति होगी।
अगर आप भी इस कृष्ण जन्माष्टमी पर द्वारकाधीश में भगवान विष्णु का तुलसी के पत्तों से सहस्रनाम पाठ करवाना चाहते हैं तो
myjyotish.com लेकर आया है आपके लिए एक खास पूजा। यह पूजा द्वारकाधीश के प्रतिष्ठित पुजारियों द्वारा कराई जाएगी, पूजा के पहले फोन पर आपका संकल्प भी लिया जाएगा। पूजा के बाद आप को प्रसाद भी भेजा जाएगा। इस पूजा के बारे में अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें-
https://bit.ly/2DGAz3U