माघ मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी कहते है। यह एकादशी बहुत ही शुभ और पवित्र मानी जाती है। अपने नाम के अनुसार इस एकादशी में 6 प्रकार से तिल का उपयोग करना श्रेष्ठ बताया गया है।
इन 6 तरीको में-
पहला तिल से स्नान करना
दूसरा तिल का उबटन लगाना
तीसरा तिल से हवन करना
चौथा तिल से तर्पण करना
पांचवा तिल का भोजन करना
छठा तिल का दान करना शामिल है।
ऐसे करें षटतिला एकादशी व्रत पूजा
- जो लोग षटतिला एकादशी का व्रत रखना चाहते हैं उन्हें प्रातः सूर्योदय से पहले उठकर नित्यक्रिया के बाद तिल का उबटन लगाकर पानी में तिल मिलाकर स्नान करना चाहिए।
- इसके बाद भगवान श्री कृष्ण को तिल का प्रसाद अर्पित करें और तिल से ही हवन करें।
- इस एकादशी के व्रत में तिल का दान करना उत्तम बताया गया है। जल पीने की इच्छा हो तो जल में तिल मिलाकर पिएं।
- जो लोग व्रत नहीं कर सकते हैं उनके लिए जितना संभव हो तिल का उपयोग करें। तिल खाएं, तिल मिला हुआ पानी पिएं।
-तिल का उबटन लगाकर स्नान करें और तिल का दान भी करें। अगर इतना सबकुछ करना संभव नहीं हो तो सिर्फ तिल का उच्चारण ही करें तो भी पाप कर्मों के अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।