शुभ मुहूर्त को ध्यान में रखते हुए देश में होलिका दहन का कार्यक्रम आरंभ हो चुका है। फाल्गुन महीने के पूर्णिमा तिथि पर होलिका दहन की जाती है और इसके एक दिन बाद होली खेली जाती है। होलिका दहन करते समय शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। मान्यता के अनुसार होलिका दहन में भद्रा के समय का विशेष ध्यान रखना बहुत ही जरूरी होता है। भद्राकाल की समाप्ति पर ही होलिका दहन शुरू होती है। शास्त्रों में भद्रा काल के दौरान किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं किया जाता। होलिका दहन भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा तिथि पर ही सबसे शुभ मानी जाती है।
होलिका दहन शुभ मुहूर्त- 2 घंटे 27 मिनट तक
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त आज शाम को 6 बजकर 22 मिनट से 8 बजकर 49 मिनट तक रहेगा।
होलिका दहन सामग्री
होलिका दहन के समय काम में आने पूजा शामिल सामग्री की लिस्ट
- गोबर के बने हुए बड़कुले
- गोबर
- गंगाजल
- माला फूल
- पांच तरह के अनाज
- अक्षत
- हल्दी
- बताशे
- फल
होली 2020 पर शुभ योग
इस होली पर 10 मार्च को बहुत ही शुभ योग का निर्माण हो रहा है। कई वर्षों के बाद होली पर गुरु और शनि स्वयं की राशि में एक साथ रहेंगे। होली पर गुरु धनु और शनि मकर राशि में रहेंगे। इस होली पर पारिजात, वेशि और बुधादित्य योग भी बन रहा है। इसके अलावा गजकेसरी, सर्वार्थ सिद्धियोग और जय योग की भी संयोग बनेगा। पूर्वी फाल्गुनी नक्षत्र में होलिका दहन का होना शुभ संकेत है।