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होलाष्टक में क्यों नहीं करते शुभ काम, जानिए बड़ी वजह

Tue, 07 Mar 2017 12:31 PM IST
amarujala.com- Presented by: आकांक्षा सिंह
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5 मार्च से होलाष्टक शुरू हो चुका है। होली के आठ दिन पूर्व फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से होलाष्टक लगता है जो पूर्णिमा तक जारी रहता है। इस काल खंड में सभी तरह के शुभ कार्य वर्जित होते हैं। लेकिन क्यों होली से पहले शुभ कार्य वर्जित रहते हैं, जानिए।
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इसके बारे में पुरानी मान्यता है कि भगवान शिव ने कामदेव यानि प्रेम के देवता को फाल्गुन पक्ष की अष्टमी के दिन भस्म किया था। कामदेव की पत्नी रति ने 8 दिनों तक कामदेव को दुबारा जीवित करने के लिए भगवान शिव की अराधना की थी।
भगवान शिव ने रति की प्रार्थना स्वीकार की और  कामदेव को पुन: जीवित किया। भोले के इस निर्णय के बाद रंग खेलकर खुशी मनाई गई थी।

एक अन्य कथा के अनुसार हिरण्यकश्यप ने विष्णु के भक्त और अपने बेटे प्रह्लाद को होली के 8 दिन पुर्व से यातनाएं देनी शुरू की थीं। इन आठ दिनों तक प्रह्लाद को कड़ी से कड़ी यातनाएं दीं गई ताकि वो विष्णु की भक्ति छोड़ दें। इसलिए भी इन 8 दिनों में कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता है।
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