ब्रज में 23 फरवरी से होलाष्टक शुरू होते ही होली की शुरुआत हो जाती है इसके बाद लट्ठमार और फूलों की होली होती है। उसी प्रकार बनारस में एकादशी के दिन से होली की शुरूआत होती है, जिसे रंगभरी एकादशी कहा जाता है। फाल्गुन शुक्ल माह की एकादशी को रंगभरी एकादशी कहा जाता है। इस बार यह एकादशी 26 फरवरी को है जिसे आमलकी एकादशी कहते है। इस दिन बाबा विश्वनाथ का विशेष श्रृंगार किया जाता है और इसी दिन काशी में होली पर्व का आरम्भ माना जाता है।