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Hariyali Teej 2026: 14 या 15 अगस्त कब है हरियाली तीज, जानिए तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

Fri, 07 Aug 2026 06:47 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरियाली तीज का व्रत करने से वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि ,संपन्नता  और मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है।
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हरियाली तीज 2026 - फोटो : AI
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विस्तार
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हिंदू धर्म में हरियाली तीज का विशेष महत्व होता है। पंचांग के अनुसार यह पर्व सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। इस पर्व में भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा अर्चना करने का महत्व होता है। यह पर्व विशेष रूप से सुहागिन महिलाएं और अविवाहित लड़कियां भक्ति और उत्साह के साथ करती हैं। इस दिन सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती है और हरे रंग के कपड़े पहनती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरियाली तीज का व्रत करने से वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि ,संपन्नता  और मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं इस वर्ष हरियाली तीज की तिथि, पूजा मुहूर्त और महत्व। 
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हरियाली तीज तिथि 2026
हिंदू पंचांग के अनुसार, हरियाली तीज का पर्व हर वर्ष सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 14 अगस्त 2026 को शाम 6 बजकर 46 मिनट पर शुरू होगी, जिसका समापन 15 अगस्त को शाम 5 बजकर 28 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के आधार पर हरियाली तीज का त्योहार 15 अगस्त को मनाया जाएगा। 

हरियाली तीज शुभ मुहूर्त 2026
हरियाली तीज की पूजा के लिए कई मुहूर्त है, जिसमें ब्रह्रा मुहूर्त सुबह 4 बजकर 50 मिनट से लेकर सुबह 5 बजकर 35 मिनट तक है। अभिजीत मुहूर्त का समय दोपहर 12 बजकर 17 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 08 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 51 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 42 मिनट तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजकर 06 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। अमृत काल रात 8 बजकर 18 मिनट से लेकर रात 09 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। 
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हरियाली तीज का धार्मिक महत्व 
हिंदू धर्म में हरियाली तीज का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस तिथि पर माता पार्वती भगवान शिव को पति के रूप पाने के लिए कठोर तप किया था और तब भगवान शिव प्रसन्न होकर सावन शुक्ल तृतीया पर अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार्य किया था। तब लेकर आज तक इस तिथि को हरियाली तीज के रूप में मनाई जाती है। हरियाली तीज के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान के साथ पूजा करने से वैवाहिक जीव में खुशी, प्रेम, सुख, सौभाग्य और समृद्धि का वास होता है। इस व्रत को रखते हुए विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। वहीं इस व्रत को अविवाहित कन्याएं मनचाहे वर कामना के लिए रखती हैं।

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 डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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